व‌र्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देकर स्कूल खोलने की मांग, एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन

जागरणसंवाददाता,चरखीदादरी:जिलादादरीप्राइवेटस्कूलएसोसिएशनसंबंधितस्कूलवेलफेयरएंडडेवलपमेंटएसोसिएशनकेप्रतिनिधिमंडलनेसोमवारकोजिलाउपायुक्तकार्यालयमेंअधिकारियोंसेमुलाकातकी।तहसीलदारकोज्ञापनसौंपतेकरजिलाप्रधानसुरेशसांगवान,प्रीतमफौगाट,विक्रमफौगाट,मुन्नालाल,नवीनश्योराण,कपिलजैन,संजयकुमार,अजीतसिंह,योगेंद्रसिंह,राजेंद्रराणावनिजीविद्यालयोंकेसंचालकोंनेव‌र्ल्डबैंकद्वाराहालहीमेंजारीकीगईरिपोर्टोकाहवालादेतेहुएप्रदेशसरकारकेसमक्षविद्यालयोंकोखोलनेकीमांगरखी।

ज्ञापनमेंकहागयाकिएकजनवरीसेस्कूलोंकेबंदकरनेकेनिर्णयसेबच्चे,अभिभावक,अध्यापकऔरस्कूलसंचालकसंतुष्टनहींहैं।बच्चोंकीपढ़ाईकापहलेहीकाफीनुकसानहोचुकाहै।इससेआगेउनकीकक्षाएंनलगानाउनकेभविष्यसेखिलवाड़होगा।आनलाइनपढ़ाईकेनुकसानपरपहलेहीबहुतकुछलिखाजाचुकाहै।अबव‌र्ल्डबैंकऔरयूनिसेफजैसीइंटरनेशनलसंस्थाओंनेभीस्पष्टतौरपरकहाहैकिस्कूलोंकोबंदरखनेकाकोईआधारनहींहै।व‌र्ल्डबैंककीएकटीमनेकोरोनाकेशिक्षापरअसरकाअध्ययनकियाहै।व‌र्ल्डबैंककेशिक्षानिदेशकजेमीसावेदाकाकहनाहैकिस्कूलखोलनेसेसंक्रमणमेंतेजीआनेकाकोईवैज्ञानिकआधारनहींहै।कईदेशोंमेंस्कूलबंदहोनेकेबावजूदकोरोनासंक्रमणकीकईलहरेंआईहैं।उनकाकहनाहैकिस्कूलखोलनेकेलिएसभीबच्चोंकोटीकालगानेकातर्कभीगलतहै।संक्रमणकीनईलहरकेदौरानभीआखिरीउपायकेतौरपरऐसाकदमउठायाजानाचाहिए।बच्चोंकेसीखनेकीक्षमतापरपड़ाअसर

संघकेजिलाअध्यक्षसुरेशसांगवाननेकहाकिस्कूलखोलेरखनेसेबच्चोंमेंसंक्रमणकाजोखिमबहुतकमहोताहै।इसकीतुलनामेंबच्चोंकीशिक्षाकोलेकरहोनेवालानुकसानअधिकहोताहै।पिछलेदोसालकेदौरानभारतमेंस्कूलबंदहोनेसे10सालतककेकरीब70फीसदबच्चोंकीसीखनेकीक्षमतापरअसरपड़ाहै।यूनीसेफकेदिसंबर2021मेंजारीरिपोर्टकेअनुसारदुनियाभरमेंलगभग100सेअधिकदेशोंमेंस्कूलखुलगएहैं।अमेरिका,ब्रिटेन,कनाडाऔरजापानमेंहुएशोधकेअनुसारस्कूलखोलनेसेसंक्रमणफैलावकाबहुतकमअसरपड़ताहै।मैक्सिको,फिलीपींसजैसेकुछहीदेशहैजिन्होंनेओमिक्रानकीलहरकेदौरानस्कूलोंकोबंदकियाहै।30करोड़बच्चेहुएथेप्रभावित

कोरोनाकालकेदौरानस्कूलबंदहोनेसेदुनियाभरमेंलगभग30करोड़बच्चेप्रभावितहुएथे।एकअनुमानकेअनुसारभारतकीअर्थव्यवस्थाकोइससेआनेवालेसमयमेंकरीब30लाखकरोड़रुपयेकाघाटाहोनेकीआशंकाहै।जबलाकडाउनथातबस्थितिअलगथी।लेकिनजबस्कूलोंकोछोड़अन्यसभीकुछखुलाहैतोबच्चेघरपररहकरसुरक्षितकैसेहैं।अभिभावकहीअपनेबच्चोंकोवायरससेसंक्रमितकरसकतेहैं।अबतो15से18वर्षकेविद्यार्थियोंकोकाफीसंख्यामेंवैक्सीनभीलगचुकीहै।