विवाद निपटारे की वैकल्पिक व्यवस्था है लोक अदालत

सुलतानपुर:न्यायपालिकापरबढ़तेमुकदमेकेभारकोकमकरना,लंबीवजटिलन्यायप्रक्रियासेछुटकारापानेवकुछमिनटोंमेंन्यायकीवैकल्पिकव्यवस्थाहैलोकअदालत।पिछलेवित्तीयवर्षमें38लोकअदालतलगाकर30हजारवादोंकानिपटाराकरफरियादियोंकोन्यायदिलायागया।उक्तबातेंशनिवारकोदीवानीमेंआयोजितलोकअदालतकेउद्घाटनअवसरपरजिलाजजउमेशचंद्रशर्मानेकहीं।

उन्होंनेकहाकि1983मेंपूर्वजस्टिसपीएनभगवतीनेजोन्यायकावृक्षलगायाथा,वहआजवटवृक्षकारूपलेचुकाहै।यहींसेलोकअदालतकापथप्रशस्तहुआ।संविधानके42वेंसंशोधनकेतहतअनुच्छेद39आर्थिकन्यायकीअवधारणाकेरूपमेंजोड़ीगई।शासनसेयहसुनिश्चितकरनेकीअपेक्षाकीगईकिदेशकाकोईभीनागरिकआर्थिकयाकिसीअन्यअक्षमताओंकेकारणन्यायसेवंचितनरहजाए।इसीकेतहतविधिकसेवाप्राधिकरण,विधिकसहायताएवंलोकअदालतकागठनकरइसेजनउपयोगीबनायागया।विधिकसेवाप्राधिकरणकागठनहोनेकेबादलोकअदालतनेकानूनीजामापहनातथाउक्तनिर्णयएवार्डकेरूपमेंबाध्यकारीहोनेलगे।जिलाजजनेकहाकिलोकअदालतमेंमुकदमोंकोतुरंतनिपटादियाजाताहै।इसमेंनवकीलकीजरूरतहैऔरहीकोर्टफीसलगतीहै।इसकेनिर्णयकेखिलाफकिसीभीन्यायालयमेंअपीलनहींकीजासकतीहै।उक्तमौकेपरअपरजिलाजजरामपालसिंह,नोडलअधिकारीउत्कर्षचतुर्वेदी,सचिवपूनमसिंहसमेतसमस्तन्यायिकअधिकारीमौजूदरहे।

6763वादोंकाहुआनिस्तारण

शनिवारकोदीवानीपरिसरमेंलगीमेगालोकअदालतमें6773वादोंकानिपटाराहुआ।3करोड़26लाखकीऋणवसूलीकीगई।जिलाजजउमेशचंद्रशर्मा,अपरजिलाजजप्रभानाथत्रिपाठीएवंमनोजकुमारशुक्लानेपहलीबारन्यायालयमेंबैठकरवादकारियोंसेरूबरूहोकरसमझौताकराया।यहजानकारीसचिवपूनमसिंहनेदी।

बोलेवादकारी(12,14)

बच्चेकीमृत्युपर2लाख10हजारकाबीमाक्लेममिलगयाहै।मैंइससेसंतुष्टहूं।लोकअदालतकेचलतेमुझेभागदौड़नहींकरनीपड़ी।

मैंनेसूरापुरबैंकसेकिसानओडीकाएकलाखऋणलियाथा।लोकअदालतमेंआया।कोईबैंककाअधिकारीनहींमिला।समझौताकीउम्मीदछोड़चुकाहूं।

त्रिलोकीनाथतिवारी,सूरापुर