उच्च संस्कारों से राष्ट्र निर्माण में अह्म भूमिका का निर्वाह करें युवा वर्ग

संवादसूत्र,बेरी:गांवधांधलानकेराजकीयवरिष्ठमाध्यमिकविद्यालयमेंछात्रचरित्रनिर्माणमंचकेतत्वावधानमेंचलनेवालेराज्यव्यापीछात्रचरित्रनिर्माणशिविरमेंछात्र-छात्राओंकोसंबोधितकरतेहुएहरियाणामहिलाविकासनिगमकीपूर्वअध्यक्षाडा.अनिताधनखड़नेकहाकिप्रत्येकसभ्यसमाजकेकुछसामाजिकसांस्कृतिकआदर्शहोतेहैं।येआदर्शहीसमाजकीसंस्कृतिकोसींचतेहैं।इन्हींआदर्शोंकाव्यवहारिकरूपसंस्कारकहलाताहै।येसंस्कारउससमाजकेसदस्योंकेरहन-सहन,आचार-विचारएवंपारंम्परिकव्यवहारमेंझलकतेहैं।भारतचूंकिएकमहानएवंसमृद्धसंस्कृतिवालादेशहैइसीकारणयहांकेजनमानसमेंउच्चआदर्शसमाहितरहेहैं।पढ़ाईकेसाथ-साथसत्य,अ¨हसा,कृतज्ञता,वचनपालन,परोपकार,दया,करुणा,शील,त्याग,क्षमा,संयम,सेवाऔरसंतोषजैसेसनातनसंस्कारोंकोआत्मसातकरकेअपनेपरिजनोंवशिक्षकोंकीउम्मीदोंपरखराउतराजासकताहैऔरराष्ट्रनिर्माणमेंअहमभूमिकानिभाईजासकतीहै।धांदलानकेराजकीयस्कूलमेंलगेइसछात्रनिर्माणशिविरमेंस्कूलकेस्टाफव¨प्रसिपलसुरेशगरसा,छात्रचरित्रनिर्माणमंचकेसदस्यशिक्षाविदसतबीरदलाल,हंसबीरकबलाना,सुनीतागुलिया,दीपकशर्माएवंयुवासमाजसेवीजयंतकौशिकनेसहयोगदिया।