तमाम बाधाओं के बाद भी दिव्यांगों ने किया मतदान

नयीदिल्ली,12मई(भाषा)तमामबाधाओंकोपीछेछोड़तेहुएदिव्यांगमतदातारविवारकोदिल्लीमेंविभिन्नमतदानकेंद्रोंपरउपस्थितहुएऔरराष्ट्रकेप्रतिकर्तव्यकीभावनाकेसाथसंसदीयचुनावमेंमतदानकिया।नयीदिल्लीसंसदीयक्षेत्रकेऔरंगजेबलेनमेंएकमतदानकेंद्रपरमतदानकरनेवाले23वर्षीयशिवांकशुक्लानेकहा,‘‘अगरमैंव्हीलचेयरसेशॉपिंगमॉलजासकताहूं,तोमैंयहांभीआसकताहूंक्योंकियहबहुतमहत्वपूर्णहै।’’उन्होंनेकहा,‘‘मैंयोग्यहोनेकेबावजूद2014मेंवोटनहींडालसकालेकिनइसबारमैंनेफैसलाकियाकिमुझेयहकरनाहै।’’30वर्षीयबद्रीकेपैरोंमेंपक्षाघातहै।उनकेसाथएकपड़ोसीथाजिसनेउन्हेंपूर्वीदिल्लीनिर्वाचनक्षेत्रकेलक्ष्मीनगरमेंएकमतदानकेंद्रतकअपनीमोटरसाइकिलकीसवारीकीपेशकशकीथी।उन्होंनेदावाकियाकिउनकीपेंशनएकमहीनेसेअधिकसमयसेनगरनिगमसेलंबितहै।उन्होंनेआरोपलगायाकिराजनीतिकदलदिव्यांगलोगोंकीजरूरतोंकेप्रति‘‘असंवेदनशील’’हैं।बद्रीनेकहा,‘‘मैंमतदानकरनेआयाहूंक्योंकियहमेराकर्तव्यहैऔरयहीएकमात्रतरीकाहैजिससेआपबदलावलासकतेहैं।’’मतदानकेंद्रोंपरतैनातमतदानकर्मियों,पुलिसकर्मियोंऔरस्वयंसेवकोंनेदिव्यांगोंकोमददकीपेशकशकीऔरसुनिश्चितकियाकिउन्हेंकमसेकमअसुविधाहो।तीननेत्रहीनयुवाओं-कुलदीपसिंह,आदेशकुमारऔरमनोजकुमारठाकुरनेकालकाजीएक्सटेंशनमतदानकेंद्रपरअपनावोटडाला।सिंहनेकहा,‘‘सरकारबनानेकीप्रक्रियामेंभागलेनासमाजकेप्रतिहमाराकर्तव्यहै।’’उन्होंनेकहा,‘‘शारीरिकअशक्तताराष्ट्रकेप्रतिव्यक्तिकेकर्तव्यमेंबाधानहींबनसकतीक्योंकिहरवोटमायनेरखताहै।’’