संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवाधिकारों में अहम भूमिका

जागरणसंवाददाता,हिसार:संयुक्तराष्ट्रसंघकेस्थापनादिवसकोलेकरस्थानीयलघुसचिवालयपरिसरमेंरविवारकोएककार्यक्रमआयोजितकियागया।कार्यक्रममेंराष्ट्रीयध्वजवसंयुक्तराष्ट्रसंघकाध्वजारोहणकियागया।कार्यक्रममेंविभिन्नविभागोंकेअधिकारियोंएवंकर्मचारियोंनेशिरकतकी।जिलाशिक्षाअधिकारीकुलदीपसिहागनेकहाकिद्वितीयविश्वयुद्धकेबाद24अक्टूबर1945कोसंयुक्तराष्ट्रसंघकीस्थापनाकीगईथी।भारतवर्षभीइसकेसदस्यदेशोंमेंशामिलहै।संयुक्तराष्ट्रसंघकेछहअंगहैंजिनमेंमहासभा,सुरक्षापरिषद,आर्थिकएवंसामाजिकपरिषद,नयासीपरिषद,अंतरराष्ट्रीयन्यायालयऔरसचिवालयशामिलहै।उन्होंनेबतायाकिसंयुक्तराष्ट्रसंघकेमुख्यउद्देश्योंमेंअंतरराष्ट्रीयशांतिवसुरक्षाव्यवस्थाबनाएरखना,मानवअधिकारोंकीरक्षाकरना,अंतरराष्ट्रीयकानूनकोनिभानेकीप्रक्रियाजुटाना,सामाजिकएवंआर्थिकविकासकेसाथ-साथलोगोंकेजीवनस्तरमेंसुधारलानाआदिशामिलहैं।संयुक्तराष्ट्रसंघनेअपनेगठनकेपश्चातविश्वमेंशांतिव्यवस्थाबनाएरखनेतथामानवअधिकारोंकीरक्षामेंअहमभूमिकानिभाईहै।कार्यक्रममेंगुरुजंभेश्वरविश्वविद्यालयकीछात्राकुमारीविभानेगजलकेमाध्यमसेसंयुक्तराष्ट्रसंघकीगतिविधियोंपरविस्तारसेप्रकाशडाला।इसअवसरपरउकलानाकेखंडविकासएवंपंचायतअधिकारीअशोककुमार,तहसीलकल्याणअधिकारीसंजयकुमार,एसएमओडॉधर्मेंद्रसुधीर,सहायकप्रोफेसरडा.अजयकुमार,शैलेंद्रसिंह,अनिलकुमार,डॉवीरेंद्र,जिलासमन्वयकदिनेशकुमार,मौलिकमुख्याध्यापकआदर्शकुमारसहितविभिन्नविभागोंकेअधिकारीएवंकर्मचारीभीउपस्थितथे।