संस्था ने दंपती को उनके घर उत्तराखंड भिजवाया

जासं,गोहाना:लॉकडाउनमेंलोगोंकाकामठपहोगयाथा।अनलॉक-1मेंउम्मीदथीकिधीर-धीरेसबकुछपटरीपरलौटआएगालेकिनऐसानहींहुआ।कामपटरीपरनहींलौटातोकिराएपररहरहेएकदंपतीकीपरेशानीबढ़गई।ड्रीममेकर्ससंस्थादंपतीकीमददकेलिएआगेआईऔरउन्हेंदिल्लीसेकरीब700किलोमीटरदूरउत्तराखंडमेंउनकेघरभिजवाकरइंसानियतकीमिसालपेशकी।

संस्थाकेअध्यक्षभारतलूथरानेबतायाकिदिल्लीनिवासीराजेंद्रप्रसादऔरउनकीपत्नीबबीतादिल्लीमेंकिराएकेमकानमेंरहतेथे।राजेंद्रप्रसादगुरुग्राममेंकिरायेपरफिटनेसट्रेनिगसेंटरचलातेथे।लॉकडाउनकेबादउनकाकामठपहोगया।राजेंद्रप्रसादकीपत्नीबबीताआठमाहकीगर्भवतीहैंऔरअगलेमाहडिलीवरीहोनीहै।दिल्लीमेंबढ़तेकोरोनासंक्रमणकेचलतेउनकाकामदोबारानहींचलपाया।आर्थिकतंगीसेपति-पत्नीकाफीपरेशानथे।वेउत्तराखंडस्थितपिथौरागढ़केघिघरानीमेंअपनेपरिजनोंकेपासजानाचाहतेथे।राजेंद्रप्रसादनेएनजीओकीएडवाइजरसाक्षीकुमारकोप्रार्थनापत्रदिया।एनजीओनेजांचकेबाददंपतीकोअपनेखर्चसेउत्तराखंडमेंउनकेघरपहुंचायाऔर11हजाररुपयेकीसहयोगराशिभीदी।