सज्जन को सजा: तिलक विहार के लोगों ने याद किया खूनी मंजर

(माणिकगुप्ता)नयीदिल्ली,17दिसंबर(भाषा)राष्ट्रीयराजधानीकेतिलकविहारविडोकॉलोनीकेलोगोंकोजिसखबरकाइंतजार34सालसेथा,सोमवारकोउन्हेंवहखबरमिलगई।भलेहीयहराहतदेरसेआईलेकिनदंगोंमेंअपनोंकोखोनेवालोंकोइसबातकासुकूनहैकिकमसेकमन्यायतोहुआ।दरअसल,दिल्लीउच्चन्यायालयनेवर्ष1984केसिखविरोधीदंगोंमेंभूमिकानिभानेकेलिएकांग्रेसीनेतासज्जनकुमारकोताउम्रकैदकीसजासुनाईहै।साल1984मेंतत्कालीनप्रधानमंत्रीइंदिरागांधीकीहत्याकेबादहुईहिंसामेंमारेगयेलोगोंकेपरिजनोंकेलिएबसाईगईयहकॉलोनीकुमारकोदोषीठहराएजानेकेबादफिरसेखबरोंमेंहै।पश्चिमीदिल्लीकेतिलकनगरइलाकेकेपासमौजूदइसकॉलोनीकोहिंसाकीबरसीपरहरसालपत्रकारोंकोआतेदेखनेकीआदतहै।इसहिंसामेंतीनदिनकेअंदरकरीबतीनहजारलोगमारेगयेथे।तिलकविहारकेलोगोंनेडरावनीयादेंसाझाकींऔरन्यायकेइंतजारकेबारेमेंबताया।आंखोंमेंआंसूलियेपोपरीकौरनेपंजाबीमेंकहा,‘‘मैंखुशहांइस्सफैसलेतो(मैंइसफैसलेसेखुशहूं)।’’पोपरीनेअपनेपतिकोभीड़केहाथोंजानगंवातेदेखा।सुल्तानपुरीमेंहाथोंमेंडंडेलियेभीड़नेपोपरीकेपतिकोघरसेबाहरखींचकरउनकीहत्याकरदीथी।पोपरीनेकहाकिआखिरकारन्यायहुआ।इसबुजुर्गमहिला(65)नेदंगोंकेखूनीमंजरकोयादकरतेहुएकहा,‘‘मेरेबच्चोंनेअपनेपिताऔरमैंनेअपनेपतिकोअंतिमबारदेखाथा।’’उन्होंनेकहा,‘‘सुल्तानपुरीमेंमेरेपतिकोजबघरसेबाहरखींचागयातोसज्जनकुमारकारमेंथा।मैंनेउसेदेखा।आज,मैंजबघरपरबैठीथीतोमेरीबेटीनेफोनकरकेबतायाकिसज्जनकुमारकोदोषीठहरायागयाहै।’’उन्होंनेकहाकिउन्हेंअपनेपतिकाशवदेखनेकीसंतुष्टिभीकभीनसीबनहींहुई।छहबच्चोंकीमांपोपरीसज्जनकुमारसेजुड़ेमामलेकेतीनगवाहोंमेंसेएकहैं।उनकाआरोपहैकिउन्हेंबयानबदलनेकेलिएपैसेकाप्रलोभनदियागयाऔरजानसेमारनेकीधमकियांभीमिलीं।उन्होंनेकहाकिवहसज्जनकुमारकेलिएमौतकीसजाचाहतीथीं।उन्होंनेकहा,‘‘आजीवनकारावासकेसाथ,वहअपनेपरिवार,अपनेबच्चोंसेमिलसकताहै।मैंअपनेपतिसे,मेरेबच्चेअपनेपितासेनहींमिलसकतेक्योंकिउसनेउनकीहत्याकरदी।’’इसीकॉलोनीमेंरहनेवालेअमरजीतसिंहनेकहाकिउन्होंनेइसखबरकाइंतजारबहूतसमयसेकियाहै।सिंह(63)नेदंगोंमेंअपनेभाईकोखोयाथा।इसबीच,यहींपासहीएकजगहपरवरिष्ठभाजपानेतातजिंदरपालसिंहबग्गाकांग्रेसीनेताकमलनाथकोमध्यप्रदेशकामुख्यमंत्रीबनानेकेखिलाफअनिश्चितकालीनभूखहड़तालपरबैठगयेहैं।बग्गाकाआरोपहैकिकमलनाथहिंसाकेदोषीहैंऔरउन्होंने‘‘सिखोंकीहत्याकी’’और‘‘गुरद्वारारकाबगंजजलायाथा।’’