शिक्षकों का कार्य शिक्षा की ज्योति जला कर बच्चों को नवजीवन देना

मधुबनी।झंझारपुरबाजारकेकन्हौलीमेंस्थितबीएनझाडॉनबॉस्कोकन्वेंटस्कूलमेंछात्र-छात्राओंद्वाराविशेषरंगारंगकार्यक्रमकाआयोजनकियागया।इसअवसरपरस्कूलकेमुख्यप्रबंधनिदेशकमनोजकुमार,प्रबंधनिदेशकआदित्यकुमार,प्रबंधकजितेन्द्रकुमारझाएवंप्राचार्यप्रमोदकुमारत्रिपाठीद्वारासंयुक्तरुपसेडॉ.राधाकृष्णनकेतैलचित्रपरदीपप्रज्वलितएवंकेककाटकरजयंतीकार्यक्रमकाउद्घाटनकिया।इसअवसरपरमौजूदछात्र-छात्राओंएवंशिक्षकोंकोसंबोधितकरतेहुएमुख्यप्रबंधनिदेशकश्रीकुमारनेकहाकिसहीमायनेमेंदेखाजायतोशिक्षकोंकाकार्यएकमूर्तिकारकीतरहहै।जिसप्रकारएकमूर्तिकारमिट्टीकोअपनेहाथोंसेतरासकरनयारुपदेदेतेहैं।ठीकउसीप्रकारशिक्षकअपनीशिक्षासेबच्चोंकेजीवनकोदेशऔरसमाजकेलिएउपयोगीबनानेकाकार्यकरतेहैं।बच्चोंकोनैतिकवभौतिकरुपसेसजानेएवंसंवारनेमेंउनकाविशेषयोगदानहै।प्रबंधकश्रीझानेकहाकिशिक्षकोंएवंछात्र-छात्राओंकेबीचकाशैक्षणिकसम्बन्धहीशिक्षाकीस्थापनामेंसहायकहोताहै।प्राचार्यश्रीत्रिपाठीनेसम्बोधनमेंकहाकिबच्चोंमेंअच्छीशैक्षणिकयोग्यताकेलिएयहआवश्यकहैकिशिक्षकअपनेआचारविचारकोस्वच्छरखें।तबभीहमारेबच्चोंकाभविष्यसंवरसकताहै।शिक्षकदिवसपरस्कूलकेप्रथमसेलेकरदसवींतककेबच्चोंनेविभिन्नकार्यक्रमोंभाषण,नृत्य,गायन,नाटकआदिकीअछ्वुतछटाबिखेरकरसभीकोमंत्रमुग्धकरदिया।इसकार्यक्रममेंमौजूदस्कूलप्रबंधनसहितउपप्राचार्यअखिलझा,विनीतरंजनएवंअन्यशिक्षक-शिक्षिकाओंनेसभीबच्चोंकोसततआगेबढ़तेरहनेकाआशिर्वादएवंशुभकामनाएंदी।