'सहभागिता' योजना को नहीं मिला साथ

जागरणसंवाददाता,कन्नौज:'मुख्यमंत्रीनिराश्रितवबेसहारासहभागितायोजना'कोपशुपालकोंकासाथनहींमिलरहाहै।इसकारणपशुपालनविभागकीयहयोजनादोसालसेगोवंशोंकीदेखभालकरनेमेंसफलनहींहोपारहीहै।योजनाकेतहतअस्थाईगोशालाकेगोवंशपशुपालकयाफिरइच्छुकव्यक्तिलेकरपालसकतेहैं,जोनिश्शुल्कमिलतेहैं।साथहीगोवंशोंकेभरण-पोषणकेलिए900रुपयेप्रतिमाहदिएजातेहैं।इसकेबादभीगोशालाकेगोवंशपालनेमेंरुचिनहींहै।सभीमेंदुधारूगोवंशोंकीचाहहै,जोगोशालामेंनकेबराबरमिलतेहैं।इसकारणगोशालासेगोवंशकाबोझकमनहींहोपारहाहै।योजनागोवंशोंकेबेहतरदेखभालवभरण-पोषणकेलिएशुरूकीगईहै,ताकिगोशालासेबेहतरगोवंशोंकीदेखभालपशुपालकहीकरसकतेहैं।

सहभागितामेंगए1185गोवंश

जिलेमें97गोशालाहैं,जहां5,271गोवंशहैं।दोवर्षमेंसहभागितायोजनामें1185गोवंशहीपशुपालकोंनेलिएहैं।योजनाकेतहतएकपशुपालकयाअन्यव्यक्तिसिर्फतीनगोवंशहीलेसकताहै,लेकिनबेचनहींसकतेहैं।इसकीमानीटरिगकराईजातीहैऔरएककमेटीगठितहै।कानोंमेंईयरटैगलगाएजातेहैं।

-किसान,पशुपालकवअन्यव्यक्तिब्लाककामूलनिवासी

-गोवंशोंकोपालन-पोषणकरनेवालेव्यक्तिकोवरीयता

-मादागोवंशकेसाथदूधपीतीबछियायाबछड़ाएकमानाजाता

-दुग्धसमितियोंसेजुड़ेकिसानवपशुपालककोवरीयता

-गोवंशपालनेकेलिएउचितस्थानहोनाजरूरी

-डीएम-सीडीओकीतरफसेतीनमाहमेंभौतिकसत्यापन