रक्तदान से मरीजों की मदद कर रहे आशीष

शाहजहांपुर:कैंसरपीड़ितरिश्तेदारकोखूनदिलानेमेंसरकारीतंत्रकीलापरवाहीवगरीब,असहायवगंभीरघायलोंकीजरूरतनेटीबीअस्पतालकेकर्मचारीकोखासबनादिया।जिलाक्षयरोगकेंद्रकेजिलासमन्वयकआशीषश्रीवास्तवनेव्यवस्थापरसवालउठानेकेबजायखुदअनुकरणीयपहलकी।उन्होंनेखुदरक्तदानकासंकल्पलेनेकेसाथलोगोंकोमहादानकेलिएप्रेरितकरनेकोएब्लडडोनेशनग्रुपबनाया।वॉट्सअपग्रुपवअन्यसहयोगियोंकीमददसेआशीषचारमेंकरीब16लोगोंकीजानबचानेमेंकामयाबरहे।यहीनहींगटरवनालेमेंफंसेगोवंशीयपशुओंकेसाथअन्यजीवजंतुओंकोबचानेमेंभीवेसक्रियरहतेहैं।

बीपीएडप्रशिक्षणमेंमिलीप्रेरणा

मुहल्लाआनंदपुरमनिवासीआशीषश्रीवास्तवकोरक्तदानकीप्रेरणामहाराष्ट्रकेअमरावतीमेंबीपीएडप्रशिक्षणकेदौरानमिली।यहांउन्होंनेतीनबाररक्तदानकिया।जिलाक्षयरोगकेंद्रजिलासमन्वयकपदपरनियुक्तिकेबादउन्होंनेमरीजोंकीसहकारभावसेउपचारमेंमददकरनाउनकीआदतबनगई।चारसालपूर्वकैंसरपीड़ितचाचाकोजबरक्तदाताकार्डहोनेकेबावजूदजिलाअस्पतालसेखूननहींमिला,तोतबउनकेदिमागमेंसमूहतैयारकरनेकाआइडियाआया।उन्होंनेपहलेमेडिकलहेल्थकेयरग्रुपबनाया।वर्तमानमेंवॉट्सअपकेब्लडडोनेशनग्रुपमें161सदस्यहमेशारक्तदानकेलिएजरूरतमंदोंकेसाथखड़ेरहतेहैं।

एकरक्तदानबचाएचारजान

आशीषकाकहनाहैकिएकयूनिटब्लडदेनेसेचारलोगोंकीजानबचसकतीहै।बतायाकिब्लडडोनेशनकेबादआरबीसी,डब्ल्यूबीसी,प्लाज्मा,प्लेटलेट्सकोअलगकरकेजरूरतकेअनुसारमरीजोंकीमददकीजातीहै।

स्वाध्यायवसंस्कारसेमजबूतहुआसरोकार

आशीषश्रीवास्तवकेसामाजिकसरोकारमेंस्वाध्यायवसंस्कारकीअहमभूमिकाहै।दरअसलआशीषनेअपनेघरमेंहीकृष्णवाटिकावपुस्तकालयकीस्थापनाकीहै।प्रत्येकरविवारकोयहांहरिनामसंकीर्तनभीआशीषकरातेहैं।श्रीकृष्णपुस्तकालयमेंश्रीमछ्वागवतगीता,यथार्थगीता,चैतन्यचरितामृतआदिपचाससेअधिककृष्णभक्तिवउनकेदर्शनसेजुड़ीपुस्तकेंहै।

दर्जनोंगायभीबचाचुकेहैं

आशीषश्रीवास्तवजीवसरंक्षणकेप्रतिभीसंजीदाहै।बजरंगदलकेराजेशअवस्थीकेसाथमिलकरवहदर्जनोंगोवंशीयपशुओंकीजानबचाचुकेहैं।घरकीछतपरचिड़ियोंकेलिएदानाडालनेकेसाथपानीकीभीव्यवस्थाकरतेहै।

नाम:आशीषश्रीवास्तव

पिता:अजयकांतश्रीवास्तवसेवानिवृत्तलेखपाल

व्यवसाय:जिलासमन्वयकजिलाक्षयरोगकेंद्र

योग्यता:बीएससीबायो,बीपीएड,एमएसमाजशास्त्र,प्राचीनइतिहास,एमएसडब्ल्यू

पत्नी:डॉ.शुभ्राश्रीवास्तव,बीएचएमएस

बेटी:वैष्णवीश्रीवास्तव।