पुरानी पेंशन व जनसंख्या नियंत्रण का मुद्दा उठाया

संवादसहयोगी,हाथरस:आमचुनावमेंअपनेमतकेजरिएलोगबेहतरसरकारचुनसकतेहैं।पांचसालमेंयहमौकामतदाताओंकोएकबारहीमिलताहै,इसलिएअपनेवोटकाप्रयोगसोच-समझकरकरनाचाहिए,ताकिजिससरकारकोचुननेकेलिएहमवोटदेरहेहैं,वोआगेविकासकेसाथ-साथदेशकीबेहतरीकेलिएकार्यकरे।

एकवोटहारऔरजीतकाफैसलातयकरसकताहै,इसलिएप्रत्येकव्यक्तिकोमतदानअवश्यकरनाचाहिए।देशकेविकासकेलिएजातिवादऔरक्षेत्रवादकोछोड़करलोकतंत्रकीमजबूतीकेलिएलोगोंकोआगेआकरअधिकसेअधिकमतदानकरनाचाहिए।मतदाताओंकोजागरूककरनेऔरलोगोंकेमुद्दोंकोजाननेकेलिएदैनिकजागरणकीपहलहरवोटकुछकहताहैकार्यक्रमकाआयोजनआगरारोडस्थितदौलतरामबारहसैनीइंटरकॉलेजमेंकियागया।शिक्षणसंस्थानमेंशिक्षकोंनेअपनाघोषणापत्रभरा।शिक्षकवशिक्षिकाओंनेएकमतहोतेहुएपुरानीपेंशनबहालीकेअलावाजनसंख्यानियंत्रणकीबातकही।इसमौकेपरप्रधानाचार्यडॉ.रामनिवासदुबे,अमितकुमार,नीलमगंगवार,रामकुमारशर्मा,ऋचाअग्रवाल,सोनूशर्मा,प्रमोदकुमारशर्मा,प्रीतिवर्मा,वीरेंद्रसिंह,महेंद्रपालसिंह,भीकेंद्रकुमारवाष्र्णेय,अमितकुमार,सत्यनामआदिमौजूदरहे।