प्रवासी मजदूरों की जुबानी सुनिए, क्यों दिल्ली में रुकने के लिए नहीं हैं तैयार

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दिल्लीमेंलॉकडाउनकेऐलानकेसाथहीप्रवासीश्रामिकोंकेपलायनकासिलसिलातेजहोगया.किसीकेसिरपरबोरीहैतोकिसीनेकंधोंपरबैगकेसाथबाकीजरूरीसामानोंकोबांधाहुआहै.कोईसूटकेसकोपकड़ेदिखातोकोईगोदमेंबच्चेलिएअपनेगांवकीतरफजातीबसकोतलाशरहाहै.लोगोंसेखचाखचभरेआनंदविहारबसअड्डेपरकोईभीबसआतीहैतोचंदमिनटोंकेअंदरभरजातीहै.आलमयेहैकिलोगबसोंकीसीढ़ियोंपरलटकनेसेलेकरछतोंपरबैठकर,किसीभीतरहदिल्लीसेदूरजानाचाहतेहैं,लोगोंकीइसबेचैनीकोजाननेकीकोशिशतोपहलेलॉकडाउनकादर्दछलककरबाहरआगया.लोगोंनेबतायाकिकिसतरहपरेशानियोंकेसाथसैकड़ोंमीलोंकासफरपैदलतयकरकेगएथे.

आनंदविहारबसस्टेशनसेघरलौटतेमजदूरोंनेबतायाकिलॉकडाउनकेऐलानहोतेहीमालिकोंनेअबतककाहिसाबकरदिया,अबखानेऔरपरिवारकोपालनेकेलिएदिल्लीमेंगुजरबसरकरनामुश्किलहोगा.श्रामिकोंकोइसबातकाभीडरहैकिलॉकडाउनबढ़नेकेसाथहीबसऔरट्रेनेंबंदहोजाएंगीफिरपिछलेसालकीतरहपैदलहीसफरनकरनापड़े.लोगोंकोनहीसरकारपरविश्वासहोरहाहैऔरनहीसिस्टमभरोसा.चावड़ीबाजारमेंकामकरनेवालेसुनीलपाण्डेयबतातेहैंकिबाजारबंदहैं,जिसकेकारणमालिकपैसादेनानहींचाहतेहैं.मालिकोंनेहिसाबकरकेवापसभेजदियाहै.रायबरेलीकेलिएजातेसूर्यकुमारसरकारकीबातकरतेहीगुस्साहोगए.भरेगलेकेसाथउन्होंनेकहाकिनमालिकपैसादेताऔरनहीसरकारख्यालरखतीहै.उन्होंनेबतायाकिमालिकनेएकदिनकापैसानहींदिया,कुछलोगोंकेपासतोअपनेदर्दकोजाहिरकरनेकासमयतकनहींथा.

देशमेंकोविडमहामारीकेप्रकोपकाएकसालसेभीज्यादाकासमयआगयाहै,पहलीलहरकेबादहालातनियंत्रितदिखेतोलोगोंकोभरोसाथाकिसरकारनईआपदाओंकेलिएपहलेसेज्यादातैयारहोगीलेकिनदूसरीलहरनेसारीकलईखोलकररखदी.एकसालबादभीहालातजसकेतसबनेहुएहैं.नअस्पतालोंमेंदवाईमौजूदहैंऔरनहीऑक्सीजनकेसिलेण्डर.सबसेबड़ीचोटमजदूरोंकोलगीहैजोएकसालबादभीवहींखड़ेहैंजहांपहलेखड़ेथे.