ऑस्कर तक पहुंचने वाली पहली भारतीय फ़िल्म 'मदर इंडिया' की क्यों आई याद, पढ़िए विस्तार से

मुंबई।भारतीयसिनेमाकेइतिहासमें'मदरइंडिया'एकमाइलस्टोनफ़िल्ममानीजातीहै।कलयानी25अक्टूबरकोइसफ़िल्मकोबड़ेपर्देपररिलीज़हुए61सालपूरेहोरहेहैं।इन61वर्षोंमेंबहुतकुछबदलगयाहैलेकिन,'मदरइंडिया'केलिएफ़िल्मदर्शकोंकीदीवानगीनहींबदली।

महबूबख़ानद्वारालिखितऔरनिर्देशित'मदरइंडिया'मेंनर्गिस,सुनीलदत्त,राजेंद्रकुमारऔरराजकुमारनेमुख्यभूमिकानिभाईथी।1957मेंआईमहबूबख़ानडायरेक्टिड'मदरइंडिया'हिंदीसिनेमाकीकल्टक्लासिकफ़िल्मोंमेंशामिलहै।ऑस्करअवॉर्डतकपहुंचीइसफ़िल्ममेंराजकुमारऔरनर्गिसकिसानकेरोलमेंथे,जबकिबेटोंकेरोलसुनीलदत्तऔरराजेंद्रकुमारनेनिभाएथे।फ़िल्ममेंकिसानोंकीग़रीबी,भुखमरीऔरज़मींदारोंकेज़ुल्मकोदिखायागयाथा।

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'मदरइंडिया' 1940मेंआईफ़िल्म'औरत'कारीमेकहै।'मदरइंडिया'गरीबीसेपीड़ितगांवमेंरहनेवालीऔरतराधाऔरउसकेबच्चोंकीकहानीहै।राधाकईमुश्किलोंकासामनाकरतेहुएअपनेबच्चोंकीपरवरिशकरतीहै।दुष्टजागीरदारसुखीलालासेखुदकोबचातेहुएमेहनतकरतीहै।

'मदरइंडिया'मेंयादगारकिरदारों,दृश्योंऔरगीतोंकीएकलंबीश्रृंखलाहै,लेकिनजोदृश्यइसफ़िल्मकाप्रतीकबनगयाहै,वहहैबैलकीजगहस्वयंहलखींचकरअपनाखेतजोततीराधायानीनर्गिसका।

फ़िल्ममेंतमामनाटकीयमोड़आतेहैंऔरअंतमेंराधाअपनेप्यारसेभीप्यारेबेटेऔरजिगरकेटुकड़ेकोजिसेजतनसेपाल-पोसकरबड़ाकियान्यायकेलिएउसेगोलीमारदेतीहै।

यहफ़िल्मआजभीबॉक्सऑफिसहीनहींलोगोंकेदिलोंकेनज़रिएसेभीएकहिटभारतीयफ़िल्मोंमेंगिनीजातीहै।इसे1958मेंराष्ट्रीयफ़िल्मपुरस्कारसेनवाज़ागयाथा।