नियमित शिक्षण-प्रशिक्षण से ही बन सकते हैं आदर्श शिक्षक : डॉ. अनुज

नवादा।मॉडर्नकॉलेजऑफएजुकेशन,कुंतीनगरकेबीएडवडीएलएडकेद्वितीयवर्षमेंप्रशिक्षणप्राप्तकररहेछात्राअध्यापिकाओंएवंछात्रअध्यापकको16सप्ताहकाअभ्यासशिक्षणपूराकरनेकेलिएजिलेकेविभिन्नप्राथमिक,मध्यएवंइंटरविद्यालयोंमेंगुरुवारकोभेजागया।

बीएडएवंडीएलएडकोर्सकेप्राचार्य/विभागाध्यक्षप्रोफेसरतारकेश्वरराय,सहायकप्रोफेसरमनीरामराम,राजीवकुमार,पवनकुमारयादव,धर्मेंद्रकुमार,आशीषप्रकाशयादव,श्वेताकुमारी,संगमलता,शिखायादवआदिकेपर्यवेक्षणमेंलगभग18विद्यालयोंमेंप्रशिक्षणकार्यहेतुभेजागया।मनोरमाकुमारी,खुशबूकुमारी,शालीनकुमारी,रविनाकुमारी,नंदनीकुमारी,प्रियंकाकुमारी,फरीननिशा,घनश्यामकुमार,विवेकानंदकुमार,रविराजकुमार,अमितकुमार,प्रमोदकुमार,दीपककुमार,नवीनकुमारआदिकोअभ्यासशिक्षणकेलिएरवानाकियागया।

महाविद्यालयकेअध्यक्षडॉ.अनुजकुमारतथाएसोसिएशनऑफटीचरट्रेंनिगइंस्टीच्यूशंस,पटना(बिहार)केमहासचिवशैलेशकुमारनेहरीझंडीदिखाकरअभ्यासपाठकेलिएरवानाकिया।अध्यक्षनेनिर्देशदियाकिसभीशिष्यअध्यापकएवंअध्यापिकाएंविद्यालयमेंजाकरअध्ययनरतसमस्तछात्र-छात्राओंकोअपनेशैक्षणिककौशलोंद्वाराशिक्षणकार्यकरातेहुएअनुशासनकेद्वाराउनकेव्यवहारमेंपरिवर्तनलाएंगे।ताकिसमाजकेलिएएकआदर्शशिक्षकबनसकें।यहभीबतायागयाकिट्रेनिगकॉलेजमेंसंचालितअध्यापकशिक्षापाठ्यक्रमकेअनुसारनवीनशैक्षणिकतकनीकीकेमाध्यमसेमहाविद्यालयकेप्रोफेसरोंकेद्वाराप्रशिक्षणदियागयाएवंप्रशिक्षुशिक्षकोंकाविभिन्नशैक्षणिककौशलोंकाविकासकियागया।प्राचार्य/विभागाध्यक्षनेभीनिर्देशदेतेहुएकहाकिसभीलोगअनुशासनमेंरहकरअभ्यासपाठकार्यकोसंपादितकरतेहुएछात्रोंकोशिक्षणकेप्रतिरुचिउत्पन्नकरेंगे।ताकिभावीसमयमेंराष्ट्रकेविकासमेंअपनासहयोगदेसकें।