नगारिक सुरक्षा स्वयंसेवक: अधिकारों के विनियमन की मांग वाली याचिका प्रतिवेदन के तौर ली जाए: अदालत

नयीदिल्ली,सातदिसम्बर(भाषा)दिल्लीउच्चन्यायालयनेकोविड-19केनियमोंकापालनसुनिश्चितकरनेकेलिएतैनातकिएगएनागरिकसुरक्षास्वयंसेवकों(सिविलडिफेंसवालंटियर)कोदिएअधिकारोंकाविनियमनकरनेकेअनुरोधवालीजनहितयाचिकापरसुनवाईकरतेहुएसंबंधितअधिकारियोंसेसोमवारकोकहाकिइसको(याचिकाको)एकप्रतिवेदनकेतौरपरदेखाजाए।याचिकामेंइनस्वयंसेवकोंकोपुलिसकीजैसीवर्दीपहननेसेरोकनेकीभीमांगकीगई।मुख्यन्यायाधीशडी.एन.पटेलऔरन्यायमूर्तिप्रतीकजैनकीएकपीठनेउनसेइसमामलोंकेतथ्योंपरलागूहोसकनेवालेकानूनों,नियमों,विनियमोंऔरसरकारीनीतिकेअनुसारयाचिकापरफैसलाकरनेकोकहा।अदालतनेकहाकिजितनीजल्दीहोसकेव्यावहारिकरूपसेइसपरफैसलाकियाजाएऔरवकीलअमृताधवनकीयाचिकाकानिपटाराकियाजाए।धवननेअपनीयाचिकामेंदावाकियाहैकिनागरिकसुरक्षास्वयंसेवकदिल्लीमहामारीरोग(कोविड-19काप्रबंधन)विनियम2020केतहतदिएगए‘‘बेलगाम’’अधिकारोंका‘‘गलतइस्तेमालकररहेहैं।याचिकामेंकहागयाकिदिल्लीसरकारऔरदिल्लीआपदाप्रबंधनप्राधिकरण(डीडीएमए)नेस्वयंसेवकोंद्वाराअधिकारोंकादुरुपयोगकिएजानेकेबारेमेंजानतेहुएभीउनकेखिलाफकोईकार्रवाईनहींकीहै,जोकोविड-19नियमोंकेउल्लंघनकेलिएअभीतक2.5करोड़रुपयेसेअधिककाजुर्मानावसूलचुकेहैं।सुनवाईकेदौरानअदालतनेयाचिकाकर्ताकेवकीलअर्पितभार्गवसेपूछाकिक्याकिसीव्यक्तिकोखाकीपहननेसेरोकनेकाकोईनियमहै,क्योंकिउसेपुलिसपहनतीहै।भार्गवनेकहाकिऐसाकोईनियमनहींहैलेकिनऐसीगतिविधियोंसेपुलिसकीविश्वसनीयताप्रभावितहोसकतीहै,अगरआमनगारिकपुलिसजैसीखाकीपहनउनकीतरहव्यवहारकरे।पीठनेकहाकिवहइससंबंधमेंसुनवाईनहींकरेगीलेकिनअगरइसतरहउल्लंघनकरनेकाकोईवाकयासामनेआएतोअदालतकेसंज्ञानमेंलायाजासकताहै।उसनेयहभीकहाकियाचिकाकर्ताअधिकारियोंकेसमक्षभीयहमुद्दाउठासकतीहैं।इसपरभार्गवनेकहाकिअधिकारियोंद्वारायाचिकाकोएकप्रतिवेदनकेतौरपरदेखाजाएऔरअदालतनेभीयहीनिर्देशदिया।याचिकामेंयहभीमांगकीगईथीकिवहदिल्लीसरकारऔरडीडीएमएकोयहसुनिश्चितकरनेकानिर्देशदेंकिमहिलाओंकीसुरक्षाकोध्यानमेंरखतेहुएपुरुषस्वयंसेवकउनकीतस्वीरेंनालें।