मुंशी प्रेमचंद की कहानी कफन के बज्जिका रूपांतरित नाट्य की शानदार प्रस्तुति

जागरणसंवाददाता,हाजीपुर:कथासम्राटमुंशीप्रेमचंदकीयादमेंनाट्यसंस्थानिर्माणरंगमंचकेकलाकारोंनेउनकीचर्चितकहानीकफनकीबज्जिकारूपांतरितनाटककीप्रस्तुतिकी।कहानीकानाट्यरूपांतरणएवंनिर्देशनवरिष्ठरंगकर्मीक्षितिजप्रकाशनेकियाथा।संस्थाकीओरसेकफनकीयह914वींप्रस्तुतिथी।नाट्यप्रस्तुतिकेअवसरपररंगकर्मीरणधीरकुमारप्रभाकरकोआम्रपालीरंगसम्मानसेसम्मानितकियागया।

शहरकेहथसारगंजस्थितग्रीनगार्डेनहाईस्कूलकेमुक्ताकाशमंचपरमास्कसुरक्षाऔरफिजिकलडिस्टेंसिगकेसाथसीमितदर्शकोंकेबीचआयोजितकार्यक्रमकाशुभारंभसाहित्यकारसंजयशांडिल्य,रेलअधिकारीरविप्रभातश्रीवास्तवमनीषएवंरंगकर्मीवीरभूषणनेसंयुक्तरुपसेकिया।इसमौकेपरउपस्थितलोगोंनेप्रेमचंदकेचित्रपरपुष्पांजलिकरश्रद्धांजलिदी।वक्ताओंनेकहाकिमुंशीप्रेमचंदकीरचनाएंकाफीमर्मस्पर्शीएवंकालजयीहै।इन्हींमेंसेएकहैकफन,जोसमाजएवंलोकसंस्कृतिसेजुड़ीहै।मुंशीजीनेइसकृतिकीरचनाउससमयकेदेश,काल,परिस्थितिकोदेखतेहुएकीथी।इसकीप्रस्तुतिबिल्कुलऐसालगाजैसाउन्होंनेआजकेभारतकीस्थितिसालोंपहलेहीलिखदीथीं।

रियलिस्टिकशैलीमेंप्रस्तुतनाटकमेंदलितोंकीस्थितिएवंसंवेदनाओंकेस्तरपरगरीबी,भूख,मौतकेसंदर्भोंमेंपिछलीसदीकाबखूबीचित्रणकियागयाहै।आजकेसंदर्भमेंभीयहसार्थकदिखाईदेताहै।प्रेमचंदकीकहानीकफनपात्रघीसूऔरमाधवपरकेंद्रितहैं।धीसूकीभूमिकामेंनिर्देशकक्षितिजप्रकाशनेअपनेअभिनयसेनाटककोसार्थकताप्रदानकरजीवंतकरदिया।वहीअन्यकलाकारोंनेभीसहजऔरबेहतरीनअभिनयसेनाटककोयादगारबनादिया।नाटककेपात्रोंमेंमाधो-रविशंकरपासवान,सतरोहन-यशवंतराज,गनेसवा-अंकुरप्रियदर्शीएवंसोनूकुमार,रघुआ-पवनकुमारअपूर्व,चौधरी-सुजीतकुमार,तोताराम-बिठ्ठलनाथसूर्य,गोपालबाबू-रणधीरकुमारप्रभाकर,चौकीदार-विनोदहाजीपुरीएवंविनोदरजकनेबेहतरप्रस्तुतिदी।वहींमंचसेपरेपरिकल्पनाआदित्य,सेट्स-अशोककुमारसिंहएवंमधुकरपटेल,पा‌र्श्वसंगीत-पलकरायएवंअंकुरप्रियदर्शी,वस्त्र-अपूर्व,प्रियंकाएवंपुष्पम,रूपसज्जा-अमरेशश्रीवास्तव,सहनिर्देशन-पुष्पम,पवनएवंपकलरॉयनेप्रस्तुतिकोसाकारकराया।