मंडी के अनछुए पर्यटन स्थल, सरकार की नजर-ए-इनायत हो तो बदल सकती है यहां की तस्वीर

मंडी,सुरेंद्रशर्मा।हिमाचलके मंडीजिलाकेअनछुएपर्यटनस्थलोंको अभीतकपहचाननहींमिलपाईहै।देश विदेशसेआनेवालेपर्यटकमंडीजिलामें ठहरनेकेबजाएसीधेकुल्लूवमनालीका रुखकररहेहैं।अबतकसमय-समयपर रहीप्रदेशसरकारोंनेइनअनछुएपर्यटन स्थलोंकोपहचानदिलानेमेंगंभीरता नहींदिखाईहै।वर्तमानजयरामसरकार सेजिलावासियोंकोइनअनछुएपर्यटन स्थलोंकोपहचानदिलानेकीउम्मीदहै। जिलामेंपर्यटनकारोबारकोबढ़ावा नमिलनेसेजिलाकेकरीबतीनहजार सेअधिकयुवागोवामेंजाकरहोटल व्यवसायमेंकामकररहेहैं।

जिलाकीहर घाटीमेंअनछुएपर्यटनस्थलहैंलेकिन कुछएककोछोड़करतकपर्यटकनहीं पहुंचरहेहैं।सरकारकीमेहरबानीको तरसरहेमंडीजिलाकेअनछुएपर्यटन स्थलोंकोविकसितकरनेपरनिश्चिततौर परजिलाकीआर्थिकीपरभीसकारात्मक प्रभावपड़ेगा।जिलामेंपर्यटनकीअपार संभावनाएंहैंलेकिनसुविधाओंकेअभाव मेंपर्यटकयहांआनेसेपरहेजकरतेहैं, क्योंकिखराबसड़कें,होटलोंकीकमी, पर्यटनसूचनाकेंद्रनहोनाइसमेंसबसे बड़ाबाधकहै।

पूर्वकांग्रेससरकारके समयइनपर्यटनस्थलोंकेविकसितकरने केनामपरकुछनहींहोपायालेकिननई सरकारसेलोगोंकोउम्मीदहै।पर्यटक स्थलविकसितहोतेहैंतोस्थानीयलोगों कोरोजगारभीमिलेगाऔरउनकोघरोंसे दूरनहींजानापड़ेगा।

महाभारतकालीनसेजुड़ाहैबल्हघाटीकेबीचोंबीचबनीनलसरझीलकाइतिहास जिलाकेकेंद्रमेंबल्हघाटीकेबीचोंबीच नलसरझीलअपनीबदहालीपरआंसूबहा रहीहै।झीलकोविकसितकरनेसेमंडी सुंदरनगरकेबीचयहस्थानपर्यटकोंके लिएआकर्षणकाकेंद्रबनसकताहै।इस झीलकाइतिहासमहाभारतकालसेजुड़ा हुआहै।

किविंदत हैकिमहाभारतयुद्धके बादपांडवराजारतनयक्ष(देवकमरूनाग) केसिरकोइसीस्थानपरस्थापितकरना चाहतेथेलेकिनऐसासंभवनहींहोसका। बादमेंपांडवोंनेइसेकमरूघाटीमेंस्थापित किया।झीलकोसंवाराजाएतोयहस्थानजिलाकेप्रमुखपर्यटनकेंद्रोंमेंशामिलहो सकताहै।जलक्रीड़ाकीभीयहांअपार संभावनाहै।

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सौंदर्यसेभरपूरलेकिनपर्यटकोंसेदूर,शिमलाकेआसपासबहुतकुछहैघूमनेको