महफूज नहीं बेट‍ियां: आखि‍र कब तक हैवानों का श‍िकार होती रहेंगी लड़क‍ियां? जान‍िए बेट‍ियों का दर्द

धनबाद,जेएनएन:बिटियामहफूजनहींहैं।दिनहोयारातयहीडरसताएरहताहैकिकहींकुछअनहोनीनाहोजाए।आएदिनछेड़खानीऔरदुष्कर्मकीघटनाएंदेखनेऔरसुननेकोमिलरहीहै।पुलिसप्रशासनकीभूमिकापरभीसवालउठरहेहैं।धनबादकीमहिलाएंऔरयुवतियांचाहतीहैंकिउनकीपुख्तासुरक्षाहो,रात8बजेकेबादभीघरसेनिकलनेमेंडरेनहीं,स्कूलकॉलेजकेसामनेपेट्रोलिंगबढ़ाईजाए,सुनसानइलाकोंमेंपुलिसकाखासपहराहो।आइएधनबादकीऐसीहीकुछबेटियोंसेऔरसमाजकोक्याकरनाचाहिए।

जानतेहैंकिबेटियांक्योंमहफूजनहींहैं

सख्तकानूनकेबावजूदजिसतरहसेदुष्कर्मकेमामलेबढ़रहेहैं,कहनागलतनहोगाकिबेटियांसुरक्षितनहींहैं।निर्भयाकेबाददेशमेंजोउबालउठाथातोलगाथाकिशायदअबबेटियांसुरक्षितहोसकेंगी।इसकेबादसरकारनेभीकानूनमेंबदलावकिए।बेटियोंकोसुरक्षितकरनेकेलिएपोक्सोएक्टकाभीप्रावधानकियागया।बावजूदइसकेऐसेमामलोंमेंकमीनहींआई।

-झिलिकबागती,हीरापुर

युवतियोंकोअगरईवटिजिंगकीजानकारीनहींहैतोपुलिसविभागकोजागरूकताअभियानचलानाचाहिए।पुलिसकीकार्यप्रणालीकीवजहसेभीछेड़खानीकेकईमामलेदर्जहीनहींहोते।पुलिसप्रशासनकोफ्रेंडलीबननाहोगा,बदलावतभीहोगा।स्कूल-कॉलेजकेसमयविशेषगश्तीकीजाए।इसकेलिएक्विकरिस्पांसटीम(क्यूआरटी)केजवानस्कूल-कॉलेजकेसमयनिर्धारितसमयपरसख्तीकेसाथगश्तीकरनेकीजरूरतहै।

-श्वेतालालदास,मटकुरियाविकासनगर

पुलिससुरक्षाकेसाथसमाजमेंयुवतियोंकेप्रतिसकारात्मकसोचकीजरूरतहै।जोसमानरूपसेअपनेऔरपराएबहन-बेटियोंमेंकोईफर्कनसमझें।सुरक्षाव्यवस्थाबढ़ानेकीबेहदजरूरतहै।ईवटिजिंगसेलकीकोईजानकारीनहींहै।यहबहुतअफसोसकीबातहै।शामढलतेहीप्रमुखइलाकोंमेंक्यूआरटीऔरसभीथानोंकोगश्तीतेजकरनीचाहिए।

-संपाडे,मनोरमनगर

छेड़खानीऔरदुष्कर्मकीघटनाओंमेंलगातारहोरहाइजाफाइसबातकासाफसंकेतहैकिसमाजकेसोचमेंकितनाबदलावआयाहै।महिलाओंकेप्रतिआदर्शवसम्मानकीभावनाजगानेकेलिएसमाजमेंजागरूकताफैलानाजरूरीहै।यहतभीसंभवहोगाजबमहिलाएंसमाजमेंएकजुटहोकरकामकरेंऔरसमय-समयपरकार्यक्रमआयोजितकरसमाजकेलोगोंमेंमहिलाओंकेप्रतिआदर्शवसम्मानकीभावनाजगाएं।

-आरतीसिंह,मनोरमनगर

पुलिसतंत्रढीलाहोनेवशिक्षाव्यवस्थामेंकमीकाहीनतीजाहैकिआपराधिकगतिविधियांबढ़रहीहैं।घरोंसेस्कूलीशिक्षातकमेंबच्चोंकोअच्छेसंस्कारसिखानेकीजरूरतहै।इसमेंमां-बापवशिक्षककाअहमयोगदानहोनाचाहिए।तभीशिक्षाव्यवस्थाबेहतरहोगीऔरनईसोचविकसितहोगी।पुलिसकीभूमिकातोसर्वोपरिहै।

-सोनीकुमारी,विवेकनगरकुसुंडा

लड़कावलड़कीमेंभेदभावखत्मकरनेकीजरूरतहै।इसकेलिएसमाजकोजागरूककरनेकीजरूरतहै।शुरूसेहीबच्चोंमेंअच्छेसंस्कारकेबीजबोनाचाहिए।उन्हेंबतानाचाहिएकिजिसदेशमेंनारियोंकीपूजाहोतीहैंउनकाघरसेबाहरतकसम्मानकरनेकरनेकीजरूरतहै।इसकेलिएशुरुआतीतौरपरसेहीशिक्षामेंसुधारहोनाचाहिए।

-श्वेताशर्मा,हरिनारायणकॉलोनीबरमसिया

किसीभीमहिलावयुवतीकेसाथकहींभीकुछहोताहैतोसबकेमनमेंडरबैठजाताहै।इनघटनाओंकोरोकनेकेलिएअबतककोईठोसउपायहोतेनहींदिखरहेहैं।इसकारणमहिलाओंमेंडरऔरबढ़रहाहै।पुलिसप्रशासनकोइनघटनाओंकोरोकनेकेलिएमहिलासुरक्षापरकामकरनाचाहिए।तभीऐसीघटनाओंपरकाबूपायाजासकताहै।

-कंचनकुमारी,तेतुलमारी