महाराज अग्रसेन के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक : डीसी

लोहरदगा:अग्रसेनजयंतीकेमौकेपरअग्रसेनधर्मशालामेंसांस्कृतिककार्यक्रमकाआयोजनकियागया।जिसकाविधिवतउद्घाटनडीसीविनोदकुमारनेमहाराजाअग्रसेनएवंमांलक्ष्मीकीतस्वीरकेसमक्षदीपजलाकरकिया।मौकेपरसमाजकेबच्चोंवयुवक-युवतियोंद्वारारंगारंगकार्यक्रमप्रस्तुतकियागया।इसअवसरपरडीसीविनोदकुमारनेकहाकिमहाराजअग्रसेनकेसिद्धांतआजभीप्रासंगिकहै।एकरुपयाएकईंटकीप्रथाकेप्रणेतामहाराजाअग्रसेनकीपरंपरासमाजवादकीनींवआजकेसमयमेंभीप्रासंगिकहै।उन्होंनेकहाकिमहाराजअग्रसेनसमाजवादकेप्रवर्तकरहेहैंजोअद्वितीयहै।उनकेबताएमार्गपरचलकरहीराष्ट्रकाविकासकरसकतेहैं।उन्होंनेकहाकिजितनेभीमहामानवहुएहैंवेमानवहितकेलिएकार्यकरतेरहेहैं,हमेंभीयहीकरनेकीजरूरतहैतभीहमसमाजकेलिएबेहतरकरसकतेहैं।कार्यक्रमकोसंबोधितकरतेहुएसभाकेसचिवअनिलकुमारनेअग्रसेनकोषबनानेकीबातकहीताकिसमाजकेलोगोंकीविषमपरिस्थितियोंमेंसहयोगमिलसके।मौकेपरजिलेकेपुलिसकप्तानप्रयदर्शीआलोक,चंद्रशेखरअग्रवाल,परमानंदअग्रवाल,अनिलकुमार,अजयमित्तल,नवलकिशोर,निलेशगोयल,उज्ज्वलबंसल,नन्दनकुमार,राहुलरौशन,शंकरअग्रवाल,निखिलगर्ग,कुमारनीरव,शिवशम्भु,अनुपमकुमार,भानूअग्रवाल,सोनू,शिवम,शशिधरलाल,रीताअग्रवाल,लक्ष्मीमित्तल,पूनमचंद्राकेसाथअग्रवालसभा,अग्रवालमहिलासमिति,अग्रवालयूथसोसायटी,अग्रवालउपसमितिकेसदस्यसहितकईगणमान्यलोगशामिलहुए।