लोहरदगा की सभ्यता-संस्कृति से रूबरू हुए बेल्जियम के विद्यार्थी

जागरणसंवाददाता,लोहरदगा:बेल्जियमकेब्रसेल्सस्थितक्लीनसेमिनारस्कूलकेछात्र-छात्रालोहरदगापहुंचे।इसदौरानविद्यार्थियोंनेलोहरदगाकीसभ्यता,संस्कृतिऔरयहांकीप्रशासनिकव्यवस्थाकीजानकारीली।बेल्जियमकेछात्र-छात्राएंसोमवारकोउपायुक्तकार्यालयस्थितसभाकक्षमेंउपायुक्तआकांक्षारंजनऔरएसपीप्रियदर्शीआलोकसेमुलाकातकरतेहुएलोहरदगामेंविकासकीकार्यप्रणाली,अपराधकीस्थितिऔरयहांकीसंस्कृति-सभ्यतासहिततमामजानकारियोंसेरूबरूहुए।लोहरदगाकेलिवेंसअकादमीस्कूलद्वाराएजुकेशनलएंडकल्चरलएक्सचेंजकार्यक्रमकेतहत24छात्र-छात्राऔर4शिक्षकोंकादलझारखंडकेदौरेपरहैं।येसभीलोहरदगाकेबादभारतकेकईहिस्सोंमेंभीजाएंगे।अबतकइन्होंनेमुंबई,कोलकाताआदिक्षेत्रोंकाभ्रमणकियाहै।इसकेअलावेगुमलासहितअन्यक्षेत्रोंकेदौराकरनेकीबातबताई।क्लीनसेमिनारेस्कूलवहीस्कूलहै,जहां19वींशताब्दीकेमध्यमेंधर्मप्रचारकऔरशिक्षाविदफादरकांस्टेंटलिवंसपढ़ाकरतेथे।फादरलिवंसनेबादमेंछोटानागपुरआकरयहांजनजातियोंकीशिक्षाकेलिएकामकिया।लोहरदगामेंबेल्जियमकेविद्यार्थीउपायुक्तऔरपुलिसकप्तानसेमिलकरजिलाप्रशासनकेकामकाजसेरूबरूहुए।उन्होंनेकहाकिझारखंडखासकरलोहरदगाकीआबोहवाबहुतअच्छीहै।स्थानीयसंस्कृतिऔरलोगोंकाव्यवहारउन्हेंकाफीपसंदआया।खासकरझारखंडीव्यंजनलजीजलगा।दोनोंदेशोंकीसांस्कृतिकविरासतमेंबहुतगहराईऔरमहानताहोनेकीबातकही।दोनोंदेशोंकेपाठ्यक्रममेंकाफीसमानताएंहैं।अंग्रेजीकीकईकविताएंदोनोंदेशोंकेस्कूलोंमेंपढ़ाईजातीहैं।कनाडाईसैनिकऔरकविजॉनमैक्रीकीकविता-इनफ्लैंडर्सफील्ड-काजिक्रकिया।प्रथमविश्वयुद्धकेदौरानबेल्जियममेलिखीगईइसकविताकोभारतीयस्कूलकॉलेजोंमेंभीपढ़ायाजाताहै।पुनर्जागरणकालकेदौरानशिक्षासंस्कृतिमेंक्रांतिकारीबदलावपरभीबातेंरखीं।तमामविद्यार्थियोंनेकहाकिभारतखूबसूरतऔरबारबारआनेकोप्रेरितकरनेवालादेशहै।मौकेपरविभिन्नलिवेंसअकादमीकेनिदेशकफादरथॉमसपावाथिलभीमौजूदथे।