लोगों ने सीखी जीवन जीने की कला

जयनगर(कोडरमा):प्रखंडमुख्यालयस्थितसांस्कृतिकभवनमेंशनिवारसेचलरहेश्रीश्रीपंडितरविशंकरकेआर्टऑफलि¨वगहैपिनेसकार्यक्रमगुरुवारकोविभिन्नकार्यकमोंकेसाथसंपन्नहोगया।छहदिनतकचलनेवालेइसहैपिनेसकार्यक्रममेंयोगगुरुनवीनचौरसियाएवंअर्चनाकुमारीकेद्वाराप्रखंडकेदर्जनोंपुरूषऔरमहिलाओंनेयोग,साधनाकेसाथ-साथजीवनजीनेकीकलासीखी।

इसदौरानयोगगुरुनवीनचौरसियानेकहाकिअक्सरहमजीवनपरतनावसेहोनेवालेप्रभावसेअपरिचितरहतेहैं।प्राय:हमारामनभूतकालकोलेकरक्रोधयापश्चातापकीजकड़मेंरहताहैऔरभविष्यकोलेकर¨चतितरहतेहै।परंतुजबहमवर्तमानमेंजीनासीखलेंगेतोदुनियाकीसारीखुशीहमेंमिलजाएगी।उन्होंनेकहाकिश्वासहमारेशरीरऔरमनकीकड़ीहै।इसलिएयहमनऔरनकारात्मकभावनाओंकोसंभालनेकासाधनभीहै।व्यवसाय,घरयाखालीसमयमेंअपनीसहीक्षमताकोअनुभवकरनेकामाध्यमभी।उन्होंनेकहाकियोगासनसेतनावमेंकमी,अधिकआनंदऔरउत्साह,बेहतरकार्यकुशलता,अधिकआत्मसम्मानऔरस्वास्थ्यमेंसुधारहोताहै।उन्होंनेसुदर्शनक्रियाकेबारेमेंविस्तारपूर्वकसमझाया।

इसदौरानलोगोंअपने-अपनेघरोंसेलोगोंद्वारालायेगयेविभिन्नप्रकारकेव्यंजनकालुत्फउठायाऔरएकदूसरेकेसाथमिलजुलकरसमर्पितभावसेरहनेकासंकल्पलिया।कार्यक्रमकेदौरानलोगोंनेयोगगुरूनवीनचौरसियाऔरअर्चनाकुमारीकोउपहारदेकरसम्मानितकियागया।

कार्यक्रमकोसफलबनानेमेंसुरेंद्रभाईमोदी,राजेशकुमारसाव,अर्जुनराम,रामचंद्रस्वर्णकारआदिनेमहत्वपूर्णभूमिकानिभाई।मौकेपरप्रदीपकुमार,रामलालयादव,सुभाषस्वर्णकार,एतवारीस्वर्णकार,प्रकाशसोनी,शेषनाथरजक,गणेशराम,सुनीलस्वर्णकार,जयप्रकाशयादव,भातुप्रसादरजक,राजेशकुमार,अरूणकुमार,राधादेवीआदिकईलोगउपस्थितथे।