खुदीराम बोस व डा. राजेंद्र प्रसाद की जयंती मनी

जागरणसंवाददाता,आसनसोल:12मार्च2021से15अगस्त2022तकआजादीकाअमृतमहोत्सवकेतहतशुक्रवारकोआसनसोलरेलमंडलप्रबंधककार्यालयमेंखुदीरामबोसवडा.राजेंद्रप्रसादकीजयंतीमनाईगई।

भारतकीस्वतंत्रताके75वर्षपूरेहोनेकेउपलक्ष्यमेंराष्ट्रीयस्तरपरआयोजितभारतकाअमृतमहोत्सवकेतहतस्वतंत्रतासेनानीखुदीरामबोसवडा.राजेंद्रप्रसादकीजयंतीमनाईगई।इसअवसरपरमंडलरेलप्रबंधकपरमानंदशर्मानेदोनोंस्वतंत्रतासेनानीकीप्रतिमापरपुष्पअर्पितकरश्रद्धासुमनअर्पितकिया।

एडीआरएमवनमुकेशकुमारमीणानेकहाकिभारतकेपहलेराष्ट्रपतिडा.राजेंद्रप्रसादकाजन्म3दिसंबर1884कोजीरादेई,बिहारकेबंगालप्रेसीडेंसीमेंहुआथा।वेएकवकील,शिक्षक,लेखकऔरभारतकेस्वतंत्रतासेनानीथे।उन्होंने1950से1962तकभारतकेपहलेराष्ट्रपतिकापदसंभाला।डा.प्रसादबिहारकेप्रमुखनेताओंमेंसेएककेरूपमेंउभरेऔरमहात्मागांधीकेप्रबलसमर्थकथे।वहभारतकेपहलेऔरसबसेलंबेसमयतकसेवाकरनेवालेराष्ट्रपतिथेऔरउन्होंनेस्वतंत्रतासंग्राममेंयोगदानदियाथा।उन्होंने1931केनमकसत्याग्रहऔर1942केभारतछोड़ोआंदोलनमेंसक्रियरूपसेभागलिया।उन्हेंकईप्रमुखस्वतंत्रतासेनानियोंकेसाथजेलमेंडालदियागयाथा।डा.राजेंद्रप्रसादनेभारतीयसंविधानकोबनानेमेंबड़ीभूमिकानिभाईथी।1962मेंउन्हेंसर्वोच्चनागरिकपुरस्कारभारतरत्नसेसम्मानितकियागया।उनका78वर्षकीआयुमें28फरवरी,1963कोनिधनहुआ।शहीदखुदीरामबोसबहादुरस्वतंत्रतासेनानीकाजन्म3दिसंबर1889कोब्रिटिशभारतमेंतत्कालीनबंगालप्रेसीडेंसीमिदनापुरजिलेकेमोहबनीमेंहुआथा।निडरताकेप्रतीकखुदीरामबोसभारतीयस्वतंत्रताआंदोलनकेसबसेयुवाक्रांतिकारियोंमेंसेएकथे।बोसकोब्रिटिशजजडगलसकिग्सफोर्डकीहत्याकीकोशिशकरनेकेआरोपमेंगिरफ्तारकियागयाथा,क्योंकिउनकेफैसलोंकोभारतीयराष्ट्रवादियोंकेखिलाफपक्षपाती,कठोरऔरअन्यायपूर्णमानाजाताथा।11अगस्त,1908कोबिहारकीमुजफ्फरपुरजेलमें18सालकीउम्रमेंशाहिदखुदीरामबोसकोफांसीदीगईथी।कार्यक्रममेंमंडलकीवरिष्ठकार्मिकअधिकारीइसिमिकसहितमंडलकार्यालयकेअधिकारीवकर्मीउपस्थितथे।