जेपी ने उच्चतम न्यायालय से यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना से हटने की इच्छा जताई

नयीदिल्ली,13अक्तूबरभाषापरेशानियोंसेघिरेजेपीसमूहनेआजउच्चतमन्यायालयकोबतायाकिवहधनजुटानेकेलिएकरोड़ोंरुपयेकीयमुनाएक्सप्रेसवेपरियोजनासेअलगहोनाचाहताहै।जेपीएसोसिएट्सनेन्यायालयकोबतायाकिउसकेपास2,500करोड़रुपयेकीपेशकशहै।उसनेन्यायालयसेइसपरियोजनाकोकिसीदूसरीकंपनीकोदेनेकीअनुमतिमांगीहै।प्रधानन्यायाधीशदीपकमिश्राऔरन्यायमूर्तिएएमखानविलकरऔरन्यायमूर्तिधनन्जयवाईचंद्रचूडकीपीठनेकहाकिवह23अक्तूबरकोमामलेकीसुनवाईकरेगी।उच्चतमन्यायालयनेजेपीइंफ्राटेककीमूलकंपनीजेपीएसोसिएट्ससेघरखरीददारोंकोभुगतानकरनेकेलिए27अक्तूबरतकन्यायालयकीरजिस्ट्रीमें2,000करोड़रुपयेजमाकरानेकानिर्देशदियाथा।न्यायालयउारप्रदेशकेनोएडामेंजेपीविशटाउनपरियोजनाके40सेज्यादाघरखरीददारोंकीयाचिकापरसुनवाईकररहाहैजिन्होंनेदिवालाएवंशोधनअक्षमतासंहिता,2016केकुछप्रावधानोंकोचुनौतीदीथी।न्यायालयने11सितंबरकोजेपीइंफ्राटेकलिमिटेडकेखिलाफदिवालियापनकीकार्यवाहीफिरसेशुरूकीथीऔरउसकेप्रबंधनकीजिम्मेदारीनेशनलकंपनीलॉट्िरब्यूनलद्वारानियुक्तअंतरिमरेजोल्यूशनप्रोफेशनलआईआरपीकोतुरंतप्रभावसेदेनेकाआदेशदियाथा।न्यायालयनेकंपनीकेप्रबंधनिदेशकऔरनिदेशकोंकोअनुमतिकेबगैरविदेशजानेसेरोकदियाथाऔरघरखरीददारोंकेहितोंकीरक्षाकरनेकेलिएजेपीएसोसिएट्सकोरजिस्ट्रीमें2,000करोड़रुपयेजमाकरानेकाआदेशदियाथा।भाषा