जब तक रहेगी जिदगी, नहीं भूल पाऊंगा सहरसा

सहरसा।सोमवारकोशहरकेरमेशझामहिलामहाविद्यालयकेस्मार्टवर्गकक्षमेंसम्मानसमारोहआयोजितकियागया।बीएनमंडलविश्वविद्यालयकेकुलपतिप्रो.अवधकिशोररायएवंप्रतिकुलपतिप्रो.फारूखअलीकेस्वर्णिमतीनसालपूराहोनेकेउपलक्ष्यमेंआयोजितसम्मानसमारोहकीअध्यक्षताकरतेहुएप्राचार्यडॉ.रेणुसिंहनेकुलपतिएवंप्रतिकुलपतिकेप्रतिअपनेउद्गारव्यक्तकरतेहुएकहाकिइनकेनेतृत्वमेंतीनवर्षछात्रहित,शैक्षणिकगतिविधियों,सांस्कृतिकगतिविधियोंऔरमहाविद्यालयोंकीउन्नतिऐतिहासिकरहीहै।

कुलपतिप्रो.अवधकिशोररायनेअपनेकार्यकालकेअनुभवोंकोसाझाकिया।वहींप्रतिकुलपतिप्रो.फारूखअलीनेभीशिक्षकोंसेसामाजिकसरोकारबनाएरखनेकीअपीलकी।कार्यक्रमकासंचालनडॉ.अभयकुमारएवंधन्यवादज्ञापनडॉ.अनिलकुमारनेकिया।इसमौकेपरडॉ.वरूणकुमार,डॉ.प्रत्यक्षाराज,डॉ.पूजाकुमारी,डॉ.रीनासिंह,डॉ.जेकेपीयादव,डॉ.राणासुनीलकुमारसिंह,अभिषेकसिंह,अभिनवसिंह,संजीतकुमारसिंह,आकांक्षा,अभिषेक,प्रकाश,प्रदीपकुमारझा,हरिनंदन,अर्चनाआदिमौजूदथे।वहींदूसरीओरशहरकेएमएलटीसहरसाकॉलेजमेंआयोजितस्वागतकार्यक्रमकोसंबोधितकरतेहुएकुलपतिप्रो.अवधकिशोररायनेकहाकिआपसमेंप्रेमबनाकररखें।एकदीपकजलाकरएकदूसरेकाघररौशनकरें।उन्होंनेकहाकिजोआतेहैउन्हेंएकदिनजानापड़ताहै।जबतकहमारीजिदगीरहेगीसहरसाकेलोगोंकाप्रेमभूलानहींसकूंगा।हमनेहमेशाएकपरिवारकेएकसदस्यकीतरहविश्वविद्यालयकेविकासकेलिएकार्यकिया।पीछेझांकनेसेअच्छाहैकिआगेकीसोचरखकरकार्यकरतेरहें।प्रतिकुलपतिप्रो.फारूखअलीनेकहाकिअपनेकार्यकालकासमुचितएवंसकारात्मकउपयोगकरें।इससेपहलेप्राचार्यडॉ.देवनारायणसाहनेकुलपतिएवंप्रतिकुलपतिकोपाग,चादर,पुष्पगुच्छएवंअभिनंदनपत्रदेकरसम्मानितकिया।इसमौकेपरडॉ.अमोलझा,डॉ.धीरेन्द्रनारायणसिंह,डॉ.विपिनकुमार,डॉ.दीपककुमारगुप्ता,डॉ.शिशिरकुमार,डॉ.प्रेमशंकरझा,डॉ.अजयकुमारसिंहनेसंबोधितकरउनकेकार्यकालकीप्रशंसाकी।इसअवसरपरचंद्रशेखरअधिकारी,डॉ.मयंकभार्गव,डॉ.संजीवकुमारझा,डॉ.सुमनकुमार,विवेककुमार,डॉ.प्रशांतकुमारमनोज,सुधांशुशेखर,अशोककुमार,आशुतोषकुमारसिंह,रूपमसिन्हा,केडीराम,अवधेशकुमारझा,सु्िप्रयासिन्हा,अमितकुमार,अतुलकुमारसिंह,प्रवीणकुमारश्रीवास्तव,पप्पूकुमारआदिमौजूदथे।