जान जोखिम में डालकर बझेड़ा स्कूल में पढ़ने आते हैं बच्चे

लखीमपुर:अगरइरादेनेकहोंऔरहौंसलेबुलंदहोंतोतथामनमेंऊंचाइयोंकोछूनेकीचाहतहोतोबड़ीसेबड़ीमुश्किलभीछोटीनजरआतीहै।बिजुआब्लॉककेप्राथमिकविद्यालयबझेड़ाकेबच्चोंकायहीहालहै।यहांपढ़नेवालेबच्चेशारदानदीकोपारकरशिक्षाग्रहणकरनेबझेड़ाप्राथमिकविद्यालयआतेहैं।बच्चेकरीब500मीटरनदीपारकरस्कूलपहुंचतेहैं।यहउनबच्चोंकेलिएकिसीअग्निपरीक्षासेकमनहींहै।

प्राथमिकविद्यालयबझेड़ामेंकुल503बच्चेपढ़तेहैं।जिसमेंसे130बच्चेऊंचादुवहाऔर80बच्चेदुवहागांवकेहैं।यहदोनोंगांवशारदानदीकेउसपारपड़तेहैं।यहबच्चेशारदानदीमेंउफानआनेपरकरीब500मीटरनदीकोपारकरबझेड़ागांवपढ़नेआतेहैं।बच्चेनदीकोपारकरनेसेपहलेअपनेकपड़ोंकोबैगमेंरखकरनदीकोपारकरतेऔरफिरगीलेकपड़ोंकोबदलकरदूसरेकपड़ेपहनतेहैंतबजाकरपढ़ाईशुरूहोपातीहै।

क्याकहतेहैंअधिकारी

स्कूलकेप्रधानाचार्यवीरेंद्रशुक्लाकाकहनाहैकिजबनदीमेंबाढ़आतीहैतोदोनोंगांवोंकेबच्चेस्कूलनहींआतेहैं।कभीजबज्यादाजरूरतहोतीहैतोदूसरेरास्तेसेट्रैक्टरट्रॉलीभेजकरबच्चोंकोबुलवायाजाताहै।काफीबच्चेनदीकेउफनानेपरउसेपैदलपारकरकेस्कूलआतेहैं।