इमरजेंसी वाले दिन लोग मन में काले दिवस के तौर पर याद रहेंगं : मित्तल

संवादसहयोगी,आनंदपुरसाहिब:

कांग्रेसीप्रधानमंत्रीस्व.इंदिरागांधीद्वारादेशमें25जून1975कोलागूकीइमरजेंसीवालेदिनलोगमनमेंकालेदिवसकेतौरपरयादरहेंगे।जिसकीवजहसेदेशनिवासियोंकोभारीमुश्किलोंकासामनाकरनापड़ाथा।भाजपाकेसीनियरनेताऔरपूर्वकैबिनेटमंत्रीमदनमोहनमित्तलनेकहाकिसरकारद्वाराविरोधीपार्टियोंकेसमूहसीनियरनेताओंकोरातोंरातजेलमेंफेंकदियागया।मगरहरदेशनिवासीनेइमरजेंसीकेखिलाफपूरीबहादुरीसेलड़ाईलड़ीऔर18जनवरी,1977कोतबकीसरकारकोइमरजेंसीवालेगैरकानूनीफैसलावापसलेनेकेलिएमजबूरहोनापड़ाथा।

उन्होंनेकहाकिपंजाबकेकांग्रेसियोंकीआपसीलड़ाईलोगोंसेकिएवादेपूरेकरनेकेलिएनहींहैबल्किआगामीमतदानउपरांतअपनीकुर्सीपक्कीकरनेकीलड़ाईहै।उन्होंनेआरोपलगायाकिसरकारकांग्रेसीविधायकोंकेपुत्रोंकोएकतरफतरसकेआधारपरबड़ीबड़ीसरकारीनौकरियांदेरहीहै,दूसरीतरफगरीबोंऔरजरूरतमंदबेरोजगारोंपरलाठियांचलाईजारहीहैं।कांग्रेससांसदरवनीतबिट्टूद्वाराआनंदपुरसाहिबऔरचमकौरसाहिबविधानसभाहलकोंकोचुनावसमझौतेकेतहतअकालीदलद्वाराबसपाकेलिएछोड़नेपरदिएबयानकोनिंदनीयकरारदेतेउन्होंनेकहाकिबिट्टूकाबयानलोगोंऔरविभिन्नवर्गोंकोआपसमेंलड़ानेवालेहै।एतिहासिकनगरीआनंदपुरसाहिबकेविकासउन्होंनेकहाकिराज्यसरकारकीलोगविरोधीनीतियोंकेकरकेसमूहपंजाबआजगंदकेढेरपरहै।इसमौकेपरभाजपाकेसचिवएडवोकेटअरविदमित्तल,महंतलक्ष्मणदास,अजयराणा,कुलभूषणबंटी,पवनमैहंदली,मनीषकेअरपाल,गीतारामउपस्थितथे।