हिदी साहित्य के पुरोधा थे मुंशी प्रेमचंद: प्रमोद

संवादसहयोगी,झुमरीतिलैया(कोडरमा):सेक्रेडहार्टस्कूलमेंशुक्रवारकोकथासम्राटमुंशीप्रेमचंदकीजयंतीमनाईगई।इसअवसरपरविद्यालयप्रबंधनसमितिकेसचिवप्रमोदकुमार,प्राचार्यनवीनकुमार,कोऑर्डिनेटरसुभाषचंद्रझा,अकाउंटेंटरामचंद्रयादवनेप्रेमचंदकीतस्वीरपरमाल्यार्पणकरउनकोश्रद्धांजलिदी।इसमौकेपरविद्यालयप्रबंधनसमितिकेसचिवप्रमोदकुमारनेकहाकिहिदीसाहित्यकेविकासमेंप्रेमचंदकेयोगदानकोभुलायानहींजासकता।वास्तवमेंप्रेमचंदहिदीसाहित्यकेपुरोधाथे।जबकिप्राचार्यनवीनकुमारनेकहाकिप्रेमचंदकीरचनाएंआजभीप्रासंगिकहैं।प्रेमचंदकीरचनाओंमेंग्रामीणजनजीवनकीझलकदिखाईपड़तीहै।वास्तवमेंवहगरीबोंकेमसीहाथे।इसमौकेपरउमंगदारूकाराजूसिंहमौजूदथे।कार्यक्रमकेदौरानलोगोंनेमास्कलगारखाथाऔरशारीरिकदूरीकाख्यालरखागयाथा।