गिरफ्तार करने से पहले ही बता देगी बिहार पुलिस, सात साल से कम सजा वाले मामलों में लागू होगी व्‍यवस्‍था

पटना,राज्यब्यूरो।सातसालसेकमसजाकेप्रावधानवालेअपराधमेंकोईजरूरीनहींकिहरबारआरोपितकोगिरफ्तारहीकियाजाए।पुलिसपरिस्थितियोंकोदेखतेहुएपहलेनोटिसभीदेसकतीहै।नोटिसमिलनेकेबादआरोपितकोकोर्टसेजमानतलेनीहोगी।बिहारपुलिसमुख्यालयनेशुक्रवारकोगिरफ्तारीकोलेकरविस्तृतगाइडलाइनजारीकीहै।डीजीपीएसकेसिंघलनेसभीआइजी,डीआइजीवएसपीकोइसबाबतपत्रलिखाहै।इसमेंस्पष्टकियागयाहैकिसातसालसेकमसजावालेकिनमामलोंमेंआरोपितकीगिरफ्तारीकरनीहैऔरकिनमामलोंमेंदूसरीकार्रवाईकरनीहै।

सुप्रीमकोर्टकेआदेशकाहवाला

डीजीपीनेगिरफ्तारीकोलेकरजारी निर्देशमेंसुप्रीमकोर्टकेआदेशकाहवालादियाहै।इसमेंकहागयाहैकिसर्वोच्चन्यायालयनेसातमई2021कोपारितन्यायादेशमेंकुछआदेशदिएहैं।धारा498एआइपीसीतथासातवर्षसेकमकारावासकेमामलेमेंअभियुक्तोंकोसीधेगिरफ्तारकरनेकेबजायपहलेधारा41दंडप्रक्रियासंहिताकेप्रावधानोंकेतहतगिरफ्तारीकीआवश्यकताकेसंबंधमेंपुलिसअधिकारीसंतुष्टहोलेंगे।

गिरफ्तारीपरबनानीहोगीचेकलिस्ट

आदेशमेंकहागयाहैकिसातवर्षसेकमसजाकेमामलेमेंगिरफ्तारीकेदौरानसभीपुलिसअधिकारीधारा41केप्रावधानोंकेअनुपालनमेंचेकलिस्टप्रयोगकरतेहुएसंतुष्टहोकरहीअभियुक्तकीगिरफ्तारीकरेंगे।चेकलिस्टमेंऔचित्यआदिकाविवरणहोगाजिसेपेशीकेसमयकोर्टमेंप्रस्तुतकरनाहोगा। गिरफ्तारीकेसमयदंडप्रक्रियासंहिताकीधारा41क्च,41ष्ट,41ष्ठ,45,46,50,60और60एकासम्यकअनुपालनअपरिहार्यहै।

पुलिसकेसामनेअपराधतोसीधेगिरफ्तारी

यदिकोईव्यक्तिसंज्ञेयअपराधकिसीपुलिसअधिकारीकीउपस्थितिमेंकरताहैतोउसकीगिरफ्तारीबिनावारंटकेकीजासकतीहै।भलेहीऐसेअपराधकीसजाकितनीकमक्योंनाहो।आदेशमेंकहागयाहैकिपुलिसद्वाराबिनावारंटगिरफ्तारकरनेकीशक्तिसंबंधीप्रावधानधारा-41दंडप्रक्रियासंहितामेंअधिनियम2008एवंदंडप्रक्रियासंहिताअधिनियम2010केमाध्यमसेसंशोधनहुएथे।यहएकनवंबर2010और2नवंबर2010सेप्रभावीहुए।

गिरफ्तारीनहींहोनेपरमासिकसमीक्षा

डीजीपीनेआदेशमेंकहाहैकिजिनअभियुक्तोंकीगिरफ्तारीनहींकीगईउनकेविवरणकीसमीक्षाहरमासिकअपराधसमीक्षाबैठकमेंपुलिसअधीक्षकद्वाराकीजायेगी।पुलिसजांचकेबादजिनअभियुक्तोंकेविरुद्धआरोपपत्रसमर्पितकरनेकानिर्णयलियागयाहोपरउनकीगिरफ्तारीनहींकीगई उनकोन्यायालयमेंउपस्थितहोनेकोलेकर41एकेतहतनोटिसभेजनाहोगा।

कोर्टकोदेनाहोगाविवरण

पुलिसद्वाराअगरकिसीअभियुक्तकीगिरफ्तारीआवश्यकनहींसमझीजायेतोप्राथमिकीअंकितहोनेकेदोसप्ताहकेभीतरसंबंधितन्यायालयकोऐसेअभियुक्तोंकाविवरणभेजनाहोगा। दोसप्ताहकीअवधिपुलिसअधीक्षकद्वाराबढ़ाईभीजासकतीहै।इननिर्देशोंकापालनकरनेमेंअसफलरहनेवालेपुलिसअधिकारीविभागीयकार्यवाहीकेसाथ-साथन्यायालयकीअवमाननाकेदंडकेभागीहोंगे।