दूर रह रहे बेटे दे रहे दिलासा, तो छलछलाई मां की आंखें

बक्सर:मांकीममताभरीआंखेंउससमयछलछलागईजबकोरोनासंक्रमणकीइसविषमपरिस्थितियोंमेंघरसेकोसोंदूरबैठेबेटेनेलॉकडाउनकेमहत्वकोसमझाकरउल्टेहीमांकीखैरियतपूछडाली।यहवाकयाकिसीएकघरकानहींहै।बल्कि,जिलेमेंसैकड़ोंऐसेघरहैं,जिनकेबच्चेपढ़ाईकोलेकरयाजॉबमेंफंसेरहनेकेकारणलॉकडाउनकीवजहसेअपनेघरकोवापसीनहींकरसकेहैं।

कोरोनावायरसकीमहामारीसेआजपूराविश्वलड़रहाहै।परन्तु,इसयुद्धमेंवहीकामयाबहैं,जिन्होंनेलॉकडाउनकेमहत्वकोजितनीजल्दीसमझाहै।कहतेहैंकिछुआछूतसेफैलनेवालीइसबीमारीकोसोशलडिस्टेंसिगकापालनकरकेहीरोकाजासकताहै।इसेलेकरयुवापीढ़ीकितनीजागरूकहै।इसकीतस्दीकजबजागरणनेकरनीशुरूकीतोकईपरिवारऐसेमिले।जिनकेराज्यसेबाहररहरहेबच्चेलॉकडाउनमेंस्वजनोंकेबीचघरकोलौटनाउचितनहींसमझते।बल्कि,जहांहैंवहींरहकरबखूबीलॉकडाउननियमकापालनकररहेहैं।औरतोऔरदूरबैठकरभीअपनेपरिवारकोइसकेपालनकिएजानेकासंदेशदेकरउन्हेंप्रेरितकररहेहैं।लगाहैकिबच्चोंकोभीअपनीजिम्मेदारीकीसमझआनेलगीहैऔरवेअपनेपैरोंपरपूर्णरूपसेखड़ेहोनेकेकाबिलहोगएहैं।केस-1

बाजारसमितिरोडकीउषासिंहबतातीहैंकिउनकाबेटाअतिशपुणेकीएककम्पनीमेंफैशनडिजाइनर्सकाइन्टरशिपकोर्सकररहाहै।लेकिन,लॉकडाउनमेंकंपनीकेबंदहोनेकेकारणवहांएककमरेमेंरहरहाहै।मैंकुछकहतीउससेपहलेहीलॉकडाउनमेंअच्छेसेरहनेकीहिदायतमुझेदेनेलगा।उसकीयेबातेंसुनकरआंखेंभरआईंऔरलगाकिबेटाअबकाफीसमझदारहोगयाहै।केस-2

लालगंजगांवकीविभापांडेयकहतीहैंकिबीटेककरनेकेबादउनकाबेटाआशीषपिछलेलगभगतीनसालसेएचसीएलपुणेमेंनौकरीकररहाहै।लॉकडाउनमेंबेटेकीचितासतानेलगी।लेकिन,उसनेयहांआनेसेसाफमनाकरदियाऔरकहाकियहांसेनिकलनेमेंऔरअधिकखतराहै।वर्कएटहोमसिस्टमसेकंपनीकाकामकररहाहूं।आपलोगभीसोशलडिस्टेंसिगगांवमेंबनाएरखिएगा।केस-3

नयाबाजारकीअनितादेवीबतातीहैंकिबेटागुरुग्राममेंजॉबकेसाथआगेकीपढ़ाईकीतैयारीकररहाहै।कोरोनासंक्रमणकोदेखतेहुएकईबारउसेघरआजानेकेलिएकहागया।परन्तु,सोशलडिस्टेंसिगकीबातसमझाकरकहताहैकिमम्मीमैंयहांपरअच्छेढंगसेलॉकडाउनकापालनकररहाहूं।आपलोगभीपूरेजतनसेइसकापालनकरो,एकबारयहसंकटटलगयातोमिलनेकेलिएपूरीजिदगीपड़ीहै।