दिल्ली में विलय किये गए नगर निगम में 250 से अधिक सीटें नहीं होंगी: विधेयक

नयीदिल्ली,24मार्च(भाषा)दिल्लीनगरनिगम(एमसीडी)केविलयसंबंधीविधेयककेअनुसार,दिल्लीमेंनगरनिगमोंकेएकीकरणकेबादउनमेंसीटोंकीसंख्या250सेअधिकनहींहोगीऔरजबतकविलयकानूनकेतहतनिकायकीपहलीबैठकआयोजितनहींहोतीतबतकइसकेकार्यकीदेखरेखकेलिएएकविशेषअधिकारीकोनियुक्तकियाजासकताहै।लोकसभासदस्योंकोबांटेगएदिल्लीनगरनिगम(संशोधन)विधेयकमेंयहभीकहागयाहैकि2011मेंतत्कालीनदिल्लीनगरनिगमकाविभाजनक्षेत्रीयडिवीजनोंऔरराजस्वसृजनक्षमताकेमामलेमें"असमान"था।विधेयकमेंप्रस्तावहैकिविलयकीगईनिकायमेंपार्षदोंऔरअनुसूचितजातिकेसदस्योंकेलिएआरक्षितसीटोंकीकुलसंख्याकानिर्धारणकेंद्रसरकारआधिकारिकराजपत्रमेंएकअधिसूचनाकेमाध्यमसेकरेगी।यहविधेयकशुक्रवारकोलोकसभामेंपेशहोनेकेलिएसूचीबद्धहै।विधेयकमेंकहागयाहै,‘‘निगमकीस्थापनाकेबादप्रत्येकजनगणनाकेपूराहोनेपर,सीटोंकीसंख्याउसजनगणनामेंनिर्धारितदिल्लीकीजनसंख्याकेआधारपरहोगीऔरकेंद्रसरकारद्वारानिर्धारितकीजाएगी...।’’बिलकेप्रावधानोंमेंसेएककेअनुसार,विलयकिएगएनिकायमेंसीटोंकीकुलसंख्या‘‘किसीभीस्थितिमेंदोसौपचास(250)सेअधिकनहींहोगी...।’’वर्तमानमेंदिल्लीमेंतीननिगमों-उत्तर,दक्षिणऔरपूर्वीदिल्लीनगरनिगमोंमेंकुल272सीटेंहैं।केंद्रीयमंत्रिमंडलनेमंगलवारकोदिल्लीकेतीनोंनगरनिगमोंकेविलयकेविधेयककोमंजूरीदेदीथी।