दिल्ली में गंभीर हालत में लाए जा रहे हैं मरीज, अधिकतर मौतें दूसरी बीमारियों की वजह से : विशेषज्ञ

नयीदिल्ली,27सितंबर(भाषा)विशेषज्ञोंकेमुताबिकदिल्लीमेंगतकुछदिनोंमेंकोविड-19सेहोनेवालीमौतोंकीसंख्यामेंवृद्धिकीवजहराष्ट्रीयराजधानीकेबाहरसेगंभीरहालतमेंमरीजोंकोलानाऔरगृहपृथकवाससेमरीजकोअस्पतालमेंस्थानांतरितकरनेकेदौरानजायाहोनेवालासमयहै।दिल्लीकेप्रमुखसरकारीऔरनिजीअस्पतालोंकेडॉक्टरजहांपरकोविड-19मरीजोंकाइलाजचलरहाहै,नेरविवारकोकहाकिअबअधिकतरउनमरीजोंकीमौतहोरहीहैजिनकीउम्र60सालसेअधिकहैऔरवेअन्यगंभीरबीमारियों(सह-रुगण्ता)सेग्रस्तहैं।उल्लेखनीयहैकिशनिवारकोदिल्लीमें46लोगोंकीसंक्रमणकीवजहसेमौतदर्जकीगईजोगत70दिनोंमेंसबसेअधिकहै।इसकेसाथहीराष्ट्रीयराजधानीमेंमहामारीमेंजानगंवानेवालोंकीसंख्याबढ़कर5,193होगईहै।इससेपहले16जुलाईकोदिल्लीमेंकोविड-19से58लोगोंकीमौतदर्जकीगईथी।वहीं,संक्रमणके3,372नयेमामलेआनेकेसाथकुलसंक्रमितोंकीसंख्याबढ़कर2,67,822होगईहै।राजीवगांधीसुपरस्पेशियलिटीअस्पतालकेचिकित्सानिदेशकडॉ.बीएलशेरवालनेकहाकिरोजानासामनेआनेवालेसंक्रमितोंकीसंख्यामेंकमीबहुतस्वस्थपरिपाटीहै।उन्होंनेजोरदेकरकहाकिमहामारीकेशुरूहोनेकेबादसेकोरोनावायरसकेव्यवहारकेबारेमेंबहुतअधिकअध्ययनहुआहै।उन्होंने‘पीटीआई-भाषा’सेकहा,‘‘गतकुछदिनोंमेंरोजानाहोनेवालीमौतोंकीसंख्या30सेअधिकहैयाकलयह46थी।यहदोप्रमुखकारणोंसेहै-पहलाजिनमरीजोंकीमौतहुई,उनकीउम्र60,70,80और90सालथीऔरदूसराअधिकतरसहरुगण्ताकेशिकारथे।’’राजीवगांधीसुपरस्पेशियलिटीअस्पतालकोविड-19मरीजोंकेइलाजकेलिएसमर्पितहैऔरशनिवारकोयहांपरचारमरीजोंकीमौतहुई।शेरवालसेजबपूछागयाकिदिल्लीमेंसंक्रमणकेरोजानासामनेआनेवालेमामलोंमेंकमीकेबावजूदमौतेंक्योंबढ़रहीहैं,तबउन्होंनेकहा,‘‘बड़ीसंख्यामेंमरीजदिल्लीकेआसपासकेशहरोंऔरराज्योंसेआरहेहैंऔरउन्हेंबहुतहीगंभीरहालतमेंलायाजाताहै,इसलिएउनकेबचनेकीदरबहुतकमहोतीहै।’’शेरवालनेकहाकिउनकेअस्पतालमेंपहलेरोजानाएकयादोमरीजोंकीमौतहोतीथीलेकिनशनिवारकोचारमरीजोंकीमौतहुई,जोतुलनात्मकरूपसेबड़ीसंख्याहै।यहांस्थितअपोलोअस्पतालमेंइंटरनलमेडिसीनकेवरिष्ठचिकित्सकडॉ.सुरनजीतचटर्जीनेभीशेरवालकेरुखकासमर्थन्करतेहुएकहाकिदिल्लीकेबाहरहरियाणा,मध्यप्रदेशऔरअन्यस्थानोंसेमरीजबहुतहीगंभीरहालतमेंयहांइलाजकेलिएलाएजारहेहैं।उन्होंनेसाथहीकहाकिदिल्लीकेमरीजभीगंभीरहालतमेंअस्पतालमेंलाएजारहेहैं।डॉ.चटर्जीनेकहा,‘‘अगरवेपहलेहीगंभीरहालतमेंहैंऔरइतनीलंबीयात्राकरकेआतेहैंतोडॉक्टरोंकीबेहतरीनकोशिशऔरमानकइलाजकेबावजूदउनमेंसेकईमरीजोंकीमौतहोजातीहै,खासतौरपरउनमरीजोंकीजोअन्यगंभीरबीमारियोंसेगस्तहैंऔरअचानकउनकीहालतबिगड़जातीहै।’’चटर्जीकामाननाहैकिबुजुर्गमरीजोंकोगृहपृथकवाससेअस्पतालमेंस्थानांतरितकरनेकेदौरानबर्बादहोनेवालासमयभीकईमरीजोंकीमौतकीवजहहोसकताहै।दिल्लीएम्समेंहृदयवाहिकारेडियोलॉजीविभागकेडॉ.अमरिंदरसिंहमल्हीसेजबदैनिकमामलोंकेबारेमेंपूछागयातोउन्होंनेकहाकिअभीयहबतानाजल्दबाजीहोगीकिसंक्रमणकाचरमदौरगुजरगयाहै।उन्होंनेकहाकिमामलेकुछस्थिरयाकमहोसकतेहैंलेकिनअभीइसमेंपर्याप्तकमीनहींआईहै।लोगोंकोआनेवालेमहीनोंमेंजिम्मेदारीसेव्यवहारकरनेऔरआपातस्थतिमेंहीघरसेबाहरनिकलनेकीजरूरतहै।पब्लिकहेल्थफाउंडेशनऑफइंडियाकेगिरिधरबाबूनेकहाकिहमेशामौतकीरिपोर्टिंगमेंसमयकाअंतरहोताहै।उन्होंनेकहा,‘‘आमतौरपरमामलोंकेबढ़नेके14से17दिनोंकेबादअधिकसंख्यामेंमौतेंदर्जहोतीहैं।दिल्लीमेंसंक्रमितोंकीसंख्यामेंवृद्धिदोहफ्तेपहलेशुरूहुईथीऔरइसलिएअस्पतालजानेकेबादउत्पन्नजटिलताओंकोअबहमदेखरहेहैं।अगरसंक्रमितोंकीसंख्यामेंवृद्धिजारीरहीतोहमेंमौतोंकोभीदेखनापड़ेगा।’’