दिल्ली: 28 दिनों में ठंड से 172 बेघरों की मौत, NGO का दावा, सरकार ने नहीं किए इंतजाम

राजधानीदिल्लीमेंठंडकाकहरलगातारजारीहै.कड़केकीठंडसेपिछले28दिनोंमें172बेघरोंकीमौतहोचुकीहै.गैरसरकारीसंस्था,सेंटरफॉरहोलिस्टिकडवलेपमेंटनेइतनीमौतोंकादावाकरतेहुएकहाहैकिउनकीओरसेदिल्लीकेमुख्यमंत्रीकोपत्रलिखकरकहागयाथाकिइनबेघरोंकेलिएबेहतरइंतजामकिएजाएं.लेकिनकोईइंतजामनहींहोपाएजिसकेकारणइतनेलोगोकीमौतहुईहै.हालांकिदिल्लीशहरीआश्रयसुधारबोर्डकेअधिकारियोंनेइससेइनकारकियाहै.

सुनीलअलेडियानेबताया किसीएचडीद्वाराहालहीमेंकिएगएएकसर्वेक्षणमेंदेखागयाहैकिआसफअलीरोड,जामामस्जिद,आजादपुर,ओखला,बादली,निजामुद्दीन,सरायकालेखां,कश्मीरीगेट,यमुनापुस्ता,निगमबोधघाट,यमुनाबाजार,चांदनीचौक,दिल्लीगेटऔरउसकेआसपासबड़ीसंख्यामेंलोगखुलेमेंसोरहेहैं.

डीयूएसआईबीकेमेंबरविपिनकेमुताबिक,दिल्लीमेंलगभग209स्थाईनाइटसेंटरकोरोनाकेबढ़तेमामलोंकोदेखइसबार220टेंट,पोटाकेबिनवालेनाइटशेल्टर्सकीव्यवस्थाडीयूएसआईबीद्वाराकीगईहैजिनमेंतकरीबन8,200केआसपासबेघरोंकीरहनेकीव्यवस्थाहै.हालांकिदूसरेमेंबरविपिनकेमुताबिकसेंटरफॉरहॉलिस्टिकडेवलपमेंटद्वारादिएगएमौतकेआंकड़ेगलतहैं.नाइटशेल्टरमेंजितनेभीलोगआतेहैं,उनकेस्वास्थ्यकीपूरीव्यवस्थाबोर्डकीतरफसेकीजातीहै.तीनवक्तकाउनकोखानासाथहीमेडिकल्सकीभीपूरीसुविधाउनकोदीजातीहै.