चबूतरे को पाठशाला बनाकर शिक्षा की अलख जला रहीं है अर्चना

पूर्णियापूर्व(पूर्णिया):प्रखंडकीचादीपंचायतअंतर्गतरानीपतरागुमटीअनुसूचितजातिटोलामेंराष्ट्रपतिपुरस्कारसेसम्मानितसेवानिवृत्तप्रधानाध्यापकअर्चनादेवनेचबूतरेकोगरीबोंकास्कूलबनादियाहैऔरजहाबच्चोंकोशिक्षादानदेकरमहादानदेरहीहै।पढ़ानेमेंअपनापेंशनतकबच्चोंपरखर्चकरदेतीहैंऔरदिनरातयहसोचतीरहतीहैकिकिसप्रकारसेयेगरीबबच्चेपढ़-लिखकरआगेबढ़े।उनकेइसनिशुल्कविद्यालयमेंआजलगभगडेढ़सौअनुसूचितजातिकेछात्रवछात्राएंअध्ययनरतहैं।31अक्टूबर,2015कोसेवानिवृत्तहोनेकेबादसेहीअर्चनादेवइनअनुसूचितजातिकेबच्चोंकेलिएसमर्पितहोचुकीहैंऔरवोअपनासारासमयइन्हींगरीबबच्चोंकेबीचशिक्षादानकरनेमेंगुजारदेतीहैं।परंतुखुलेआसमानकेनीचेएकचबूतरेमेंचलरहेडेढ़सौसेअधिकछात्रोंकेइसनिशुल्कविद्यालयकोचलानेमेंमात्रइनकेपेंशनसेकुछभीनहींहोपाताहै।फिरभीयहाकेबच्चेजिलेमेंआयोजितप्रतियोगितामेंअपनालोहामनवाचुकीहैं।इसमेंअध्ययनरतकुछछात्रतोफर्राटेदारअंग्रेजीभीबोलतेहैं।अर्चनादेवहमेशाबच्चोंकीभलाईकेलिएकुछनकुछकरतीरहतीहैं।यहातककिबच्चेकोपढ़ानेकेबादसरकारीस्कूलभीभेजतीहैंऔरजोबच्चेस्कूलनहींजातेहैंउनकेघरपरजाकरउनकेअभिभावकोंकोप्रेरितकरस्कूलभेजनेकाकामकरतीहैं।उनकेविद्यालयचलानेकासमयभीसरकारीस्कूलकेअनुसारहीहोताहै।अगरसरकारीस्कूलदिनकाहोतोवोसुबहछहबजेसेतथाअगरप्रात:कालीनहोतोशामचारबजेसेअपनास्कूलचलातीहैं।ताकिबच्चेकास्कूलनिरंतरजारीरहेऔरउनलोगोंकोसारीसरकारीसुविधाएंमिलतीरहेयहीउनकीसोचहै।उनकेइसनिशुल्कविद्यालयमेंकईलोगवनिजीसंस्थाआगेबढ़करबच्चोंकोमददस्वरूपपाठ्यसामग्रीकाभीवितरणकरचुकीहैं।जिससेशिक्षिकाअर्चनादेवकाहौसलाऔरभीबुलंदहोजाताहै।