ब्रिटेन में दुर्लभ बीमारी से जूझ रही भारतीय महिला प्रत्यर्पण के खिलाफ लड़ रही है लड़ाई

(अदितिखन्ना)लंदन,13मई(भाषा)ब्रिटेनमेंएकदुर्लभबीमारीसेजूझरहीभारतीयमहिलास्वदेशप्रत्यर्पितकिएजानेकेखिलाफलड़ाईलड़रहीहै।छात्राकेतौरपरब्रिटेनआयीभवानीइस्पातीक्रोहननामकबीमारीसेजूझरहीहैजिसकेलिएउसेखासदवाईइम्युनोसुप्रेसैंटकीजरुरतहैजोअभीभारतमेंउपलब्धनहींहै।क्रोहनपाचनतंत्रकीपरतकोकमकरनेवालाएकदुर्लभरोगहैजिसमेंआंतोंमेंसूजनआजातीहै।छात्राएकबड़ेऑपरेशनकेबादकोमामेंभीचलीगईथी।अपनेमामलेपरसमर्थनजुटानेकेलिएऑनलाइनअभियानशुरूकरनेवाली31वर्षीयभवानीनेकहा,‘‘लगातारचिकित्सीयदेखरेखकेअलावाजोचीजमुझेथोड़ाभी‘ठीक’रखतीहैवहइम्युनोसुप्रेसैंटहैजोअभीभारतमेंउपलब्धनहींहै।ब्रिटेनकेगृहमंत्रालयकोलगताहैकिमुझेब्रिटेनमेंरहनेकेबजाय‘उपशामकदेखभाल’केलिएभारतलौटजानाचाहिए।’’गौरतलबहैकिब्रिटेनकेगृहमंत्रालयनेहालहीमेंएकपत्रजारीकियाजिसमेंकहागयाकिब्रिटेनमेंबनेरहनेकीउनकीयाचिकाखारिजकीजातीहैऔरउन्हेंजबरनभारतप्रत्यर्पितकियाजाए।यहपत्रउनकेपासतबपहुंचाजबवहएकबड़ेऑपरेशनकेबादकोमामेंथीऔरउनकेमंगेतरमार्टिनमैंगलरनेफैसलेकेखिलाफअपीलकी।उसकेडॉक्टरोंकेचिकित्सापत्रोंमेंकहागयाहैकिअगरउसेयात्राकरनीपड़ीतोउसकीजानकोखतराहोसकताहै।ब्रिटेनकेगृहमंत्रालयकेप्रवक्तानेकहा,‘‘मार्च2019मेंगृहविभागकोइसमामलेमेंताजासबूतोंकेबारेमेंपताचलाऔरइनकीजांचकीजारहीहै।’’