बंगाल पुलिस के पतन की पराकाष्ठा: वामपंथियों के समय शुरू हुआ बंगाल में पुलिस का पतन अब ममता के राज में भी जारी

[ यशपालसिंह]:पुलिसप्रशासनिकढांचेकीरीढ़है,किंतुअगरवहीरीढ़रोगग्रस्तहोजाएतोफिरप्रशासनिकव्यवस्थाकाक्याहोगा?बसवहीजोआजबंगालमेंहोरहाहै।देशमेंकानूनकाराजहै।कानूनबिनाभेदभावकेसभीनागरिकोंकेलिएसमानहै,परबंगालमेंजिनलोगोंनेभाजपाकोवोटदियायासमर्थनकिया,उनकेसाथसत्ताधारीदलकेकार्यकर्ताबेखौफहोकरकुछइसतरहव्यवहारकररहेहैंजैसेवेदेशद्रोहीहों।शर्मनाकयहहैकिपुलिसमूकदर्शकबनीहुईहै।कईमामलोंमेंतोवहअराजकताफैलानेवालेगुंडोंकाहीसाथदेरहीहै।इसीलिएमानवाधिकारआयोगकोयहकहनापड़ाकिबंगालमेंकानूनकानहीं,शासकोंकाकानूनचलरहाहै।बंगालकेहालातहमारेसंघीयढांचेपरकुठाराघातहैं।इसकेपरिणामअत्यंतघातकहोसकतेहैं।ऐसानहींहैकियहसबरातोंरातहोगया।बंगालपुलिसकेपतनकेलिएमुख्यमंत्रीममताबनर्जीजिम्मेदारहैं।

बंगालमेंपुलिसकापतन तबप्रारंभहुआजबवामपंथीसत्तामेंथे

बंगालमेंपुलिसकापतन30-35सालपहलेतबप्रारंभहुआथाजबराज्यमेंवामपंथियोंकीपकड़मजबूतहुईऔरवेसत्तामेंआए।उन्होंनेकार्यकर्ताओंकाएकमजबूतकैडरखड़ाकियाऔरजिलेकेपार्टीसचिवकेपदकोअत्यंतमहत्वपूर्णबनादिया।प्रारंभमेंपार्टीसचिवपुलिसअधीक्षकसेसमयलेकरमिलतेऔरसमस्याएंरखते,परंतुबादमेंउन्हेंहीअपनेपासबुलानेलगे।बातऔरआगेबढ़ीतोजबनयापुलिसअधीक्षककिसीजिलेमेंजातातोउसेपहलेसेहीचार-पांचलोगोंकेनामबतादिएजातेकिउनसेवहस्वयंजाकरमिले।इससेपार्टीपदाधिकारीबहुतमजबूतहुए।वेपुलिससेजोचाहते,करालेते।पुलिसकाभयधीरे-धीरेकमहोतागया।मुख्यमंत्रीममताबनर्जीनेअकेलेदमपरसंघर्षछेड़करवामपंथियोंकोपरास्ततोकरदिया,लेकिनवहीवामपंथीनेता-कार्यकर्ताधीरे-धीरेउनकीपार्टीसेजुड़गए,क्योंकिउन्होंनेसत्ताकास्वादचखलियाथा।इसप्रक्रियानेपुलिसकाइकबालध्वस्तकरदिया।अबतोतृणमूलकांग्रेसकीओरसेयहांतककहाजाताहैकिपुलिसिंगहमकरेंगे।

गृहमंत्री,राज्यपालकीचेतावनियोंकेबादभीस्थितिमेंसुधारनहीं

जबपुलिसिंगसत्ताधारीदलकेकार्यकर्ताकरेंगेतोफिरप्रशासनकहांजाएगा?हालकेचुनावोंकेबादभाजपासमर्थकोंकाजोभीषणउत्पीड़नहुआ,वहइसीकापरिणामहै।गृहमंत्री,राज्यपालकीचेतावनियोंकेबादभीस्थितिमेंसुधारनहींहुआ,क्योंकिबंगालमेंपुलिसकामतलबकुछनहींरहगयाहै।ऐसेमाहौलमेंपुलिसमेंभ्रष्टाचारखूबपनपा।उच्चअधिकारीभीइससेअछूतेनहींरहे।स्वाभाविकहैकिपूरेप्रदेशकेप्रशासनपरइसकाबुराअसरपड़ा।पुलिसकापतनतोसड़कपरदिखाईपड़नेलगताहै,औरोंकादिखाईनहींपड़ता,परंतुवहदीमककीतरहव्यवस्थाकोखोखलाकरदेताहै।आमतौरपरक्षेत्रीयपार्टियोंकाएकमात्रउद्देश्यकेवलसरकारबनालेनाहीहोताहै।उनकीसरकारोंमेंहरप्रकारकेमाफियाखूबफलते-फूलतेहैं।इसकेबादभीजनप्रतिनिधिप्रसन्नरहतेहैं,क्योंकिवेकिसीभीअधिकारीकोपार्टीविरोधीबताकरहटवादेतेहैं।अपनेक्षेत्रकेथानोंकोवेनिजीथानासमझतेहैं।

मुख्यमंत्रीनेमानवाधिकारआयोगकीरिपोर्टकोकियादरकिनार

बंगालगईमानवाधिकारआयोगकीटीमनेअपनीजांचमेंतमामशिकायतोंकोसहीपायाऔरयहसिफारिशकीकिहत्या,दुष्कर्मआदिमामलोंकीजांचसीबीआइद्वाराकराईजाएताकिदोषियोंकोसजादीजासके,परंतुमुख्यमंत्रीनेआयोगकीरिपोर्टकोहीदरकिनारकरदिया।आखिरनागरिकोंकेसंवैधानिकअधिकारोंऔरकानूनकेराजकामतलबक्याहै?पुलिसऔरप्रशासनकाकार्यक्याहै?

सरदारपटेलनेअखिलभारतीयसेवाओंकोदेशकेसंघीयढांचेकेलिए‘स्टीलफ्रेम’कहाथा

देशकेप्रथमगृहमंत्रीसरदारपटेलनेअखिलभारतीयसेवाओंकोदेशकेसंघीयढांचेकेलिए‘स्टीलफ्रेम’कहाथा।एकअर्सेसेकहाजारहाहैकिअबइसस्टीलफ्रेममेंजंगलगगईहै।अधिकारीप्रशिक्षणसमाप्तिकेसमयसंविधानकीशपथलेतेहैंऔरलोकसेवककेरूपमेंसेवाप्रारंभकरतेहैं,परंतुपार्टियांउन्हेंपार्टीकार्यकर्ताकेरूपमेंप्रयोगकरनाचाहतीहैं।जोइसकाविरोधकरतेहैं,उनकावेउत्पीड़नकरतीहैं,क्योंकिउन्हेंन्यायपालिकाकीतरहकोईविधिकसुरक्षाप्राप्तनहींहोती।उत्तरप्रदेशमें2006-07मेंएकपुलिसअधिकारीकोनौकरीसेत्यागपत्रदेनापड़ाथा,क्योंकिउसनेमुख्तारअंसारीगैंगद्वाराअवैधरूपसेखरीदीलाईटमशीनगनकोबरामदकरलियाथा।इसबरामदगीकेबादउसनेमुख्तारसमेतकईपरएफआइआरकरादी।बादमेंउसपरउच्चतमस्तरसेदबावडालाजानेलगाकिएफआइआरवापसलो।यहअसंभवथा।फिरउसकाउत्पीड़नप्रारंभहुआऔरउसनेइस्तीफादेदिया।उत्तरप्रदेशमेंसरकारबदलनेकेसाथलोगइसमामलेकोभूलगए,परंतुबंगालमेंवहीसरकारकाफीदिनोंतकरहीं,अत:ऐसीअनेकघटनाएंछोटे-बड़ेपैमानेपरहोतीरहींऔरआजवेप्रशासनिककैंसरबनगईहैं।

बंगालमेंपुलिस-प्रशासनकापतनरुके

अखिलभारतीयसेवाओंकास्टीलफ्रेमस्वरूपबनाएरखनाकेंद्रकादायित्वहै।उसेहरहालमेंइसदायित्वकापालनकरनाहोगा,चाहेनियमावलीबदलनीपड़े।आइपीएसअधिकारीप्रकाशसिंहद्वाराइससंबंधमेंदायरकीगईजनहितयाचिकाकाउद्देश्ययहीथाकिपुलिसकापतनरुके।सुप्रीमकोर्टनेइसयाचिकाकीसुनवाईकरतेहुएसितंबर2006मेंदिशानिर्देशभीजारीकिए,लेकिनप्रदेशसरकारोंनेकुछनहींकिया,क्योंकिवेपुलिसकोहमेशाअपनीपार्टीकालठैतबनाकररखनाचाहतीहैं।कानूनकाराजसमाजमेंविश्वासऔरसुरक्षाकावातावरणबनाताहै,जिससेउसकेसर्वांगीणविकासकामार्गप्रशस्तहोताहै।यहसहीसमयहैकिकेंद्रसरकारबंगालकेपुलिस-प्रशासनकेपतनकेमूलकारणोंकापतालगानेकेलिएएकआयोगगठितकरे,जोगहनसमीक्षाकरअपनीआख्यादे,ताकिइसराज्यमेंअखिलभारतीयसेवाओंकीगुणवत्ताबनाएरखनेसंबंधीकदमसमयरहतेउठाएजासकें।संवैधानिकप्रजातंत्रकोअक्षुण्णबनाएरखनेकेलिएऐसेकदमआवश्यकहैं।

(लेखकउत्तरप्रदेशकेडीजीपीरहेहैं)