बिरसा ने दी थी नशा से दूर रहने की सलाह

दुमका:डीनोवोस्कूलकेप्रांगणमेंगुरुवारकोबिरसामुंडाकीजयंतीबड़ीधूमधामसेमनाईगई।स्कूलकीउपप्रबंधकअर्चनामिश्रनेबिरसामुंडाकेतैलचित्रपरमाल्यार्पणकिया।इसकेबादशिक्षक,कर्मचारीवछात्र-छात्राओंनेमाल्यार्पणकरनमनकिया।

अर्चनामिश्रनेबच्चोंकोबतायाकिबिरसामुंडाकाजन्म15नवम्बर1875कोरांचीजिलेकेउलिहतुगांवमेंहुआथा।मुंडारीतिरिवाजकेअनुसारउनकानामबृहस्पतिवारकेहिसाबसेबिरसारखागयाथा।7बिरसाकेपिताकानामसुगनामुंडाऔरमाताकानामकरमीहटूथा।बिरसानेपुरानेअंधविश्वासोंकाखंडनकिया।लोगोंको¨हसाऔरमादकपदार्थोसेदूररहनेकीसलाहदी।इसलिएइलाकेकेलोगकेनामसेपुकारतेहैं।मात्र25वर्षकीउम्रमेंहीउनकीमृत्युरांचीजेलमें9जून1900कोहोगई।मौकेपरस्कूलकेप्रबंधकराजीवमिश्र,शिक्षिकानेहादलाई,निकिताथापा,नयनतारागुप्ता,सुशांतराणा,अजरा,मनोजभंडारी,निशांतकुमारदत्त,चंद्रकांतकुमार,¨पकू,प्रतिभाराय,एमालेपचा,सेलिनाराय,दीपिकाशर्मा,शिवांगीरायएसर,वसीम,¨पकूनयन,अखिलेश,परिमलदे,प्रेम,विद्युत,रवींद्र,रवि,जिसुदास,अमरेंद्र,अजित,मीना,स्कूलकेकानूनीसलाहकारमनोजमिश्रसमेतछात्र-छात्राएंमौजूदथे।