बिलासपुर में इमली के पेड़ के नीचे हुई थी शुरुआत, आज काली मंदिर में होती रामलीला

बिलासपुरकीश्रीवेदब्यासरामलीलाकमेटीकीओरसेबिलासपुरमेंश्रीरामलीलाकाआयोजनहोताहै।वर्ष1971मेंशुरुआतइमलीकेपेड़केनीचेकीगईथी।उससमययहांड्रामाभीकिएजातेथे।यहलोगोंकीमांगथी।मनोरंजनकासाधनभीथा।समयकेसाथइसमेंबदलावहोतेचलेगए।पहलेमाइककेसामनेखड़ेहोकरकलाकारडायलॉगबोलतेथे,अबवायरलेसमाइककाउपयोगहोरहाहै।यहांकेलोगपहलेजगाधरीमेंश्रीरामलीलादेखनेआतेथे।इनलोगोंनेप्लानिगकीजबयहांहोसकतीहै।वेअपनेयहांभीआयोजनकरसकतेहैं।इमलीकेपेड़केनीचेसेशुरुआतहुई।आजभीपहलेकीतरहभीड़लगतीहै।लोगोंकोरामलीलाकाइंतजाररहताहै।रामलीलाभाईचारेकासंदेशदेतीहै।हरधर्मकेलोगकिरदारनिभारहेहैं।

इससमयपंडालकोआकर्षकढंगसेफूलोंसेसजावटकीगईहै।जोभीयहांएकबारआताहै,वहसजावटदेखकरदंगरहजाताहै।यहांकीसाजसज्जाभीलोगोंकोआकर्षितकरतीहै।फूलोंसेसजाहोनेसेमहकरहतीहै।लोगोंकेबैठनेकेलिएमैटबिछाईगईहैं।जनरेटरसेरोशनीकाप्रबंधकियागयाहै।

श्रीरामलीलामेंकैकेयीकाकिरदारनिभारहेराजकुमारवर्माकहतेहैंकिकिरदारनिभाकरउनकोआत्मिकशांतिमिलतीहै।श्रीरामकाकीर्तनभीकरतेहैं।मंचनकेदौरानउनकासाराध्यानअभिनयपररहताहै।किरदारदेखनेकेलिएबड़ीसंख्यामेंलोगआतेहैं।फोटो:03

कमेटीकेप्रधानसूरजभानसैनीकाकहनाहैकियहांकीश्रीरामलीलादूरतकप्रसिद्धहै।आसपासकेलोगभीदेखनेकेलिएआतेहैं।उनकाप्रयासरहताहैकिदर्शकोंकोकिसीप्रकारकीदिक्कतकासामनानकरनापड़े।आयोजनकेदौरानसुरक्षाकेपुख्ताप्रबंधहैं।सुरक्षाकर्मीतैनातकिएगएहैं।महिलाओंकीसुरक्षाकाविशेषध्यानरखाजाताहै।

श्रीरामलीलामेंभरतकाकिरदारनिभारहेराजबीरचौहानकहतेहैंकिकईसालसेकिरदारनिभारहेहैं।लोगपसंदभीकरतेहैं।डायलॉगपरविशेषध्यानरखतेहैं।पहलेअभ्यासकरतेहैं।उसकेबादमंचपरअभिनयकरतेहैं।शुरुआतमेंउनकोथोड़ीदिक्कतआईथी।अभ्यासकेबादवहदूरहोगई।