बीस घंटे तेइस लोगों ने गांव के बाहर गुजारी रात

बस्ती:दिल्लीसेगांवलौटेतेइसलोगोंकोशनिवारकीरातवाल्टरगंजकेमहादेवाशिवमंदिरकेबागमेंगुजारनीपड़ी।यहलोगमेहौरावमझौआखुर्दकेरहनेवालेहैंशामकोहीगांवमेंआगएथे।सूचनापरस्वास्थ्यविभागकीटीमनहींपहुंचीतोएहतियातकेतौरपरइनलोगोंकोघरकीबातदूरगांवसेबाहर18घंटेरहनेकोमजबूरहोनापड़ा।

दिल्लीकमानेगएगांवकेयुवकोंकीआनेकीखबरफैलतेहीसबलोगसजगहोगए।गांवकेकुछलोगोंनेवापसलौटेइनयुवाओंकोबीमारीकीभयावहताकेबारेमेंसमझाया।सभीरातमेंगांवसेएककिमीदूरकुआनोनदीकेतटपरस्थितमहादेवाशिवमंदिरपरिसरकेबागमेंरुकनेकोतैयारहोगए।युवकोंनेअपनीबेबशीबयांकीतोसबकेआंखोंसेआंसूआगए।युवकोंनेबतायाखानेपीनेकाइंतजामनहोनेकेकारणवेमजबूरहोकरवापसलौटआएहैं।लेकिनकिसीकीजिदगीखतरेमेंनहींडालनाचाहते।ग्रामीणोंद्वाराइसबातकीसूचनास्वास्थ्यविभागकोदीगई।टीमरविवारकोदिनमें11बजेपहुंची।सभीकोमहामारीसेनिपटनेकेलिएबचावकेउपायसुझाएगये।यहसुनकर14लोगोंनेएहतियातकेतौरपरदोतीनदिनोंतकघरमेंजानेसेमनाकरदिया।सभीकाकहनाथाकिवेसबदिल्लीस्थितनरयनामेंतांबावपीतलकीकटाईकाकामकरतेथे।21दिनोंकेलाकडाउनकीघोषणापरअसमंजसमेंपड़गये।वाट्सएपपरएकमैसेजमिलाजिसमेंयहबतायागयाथाकियहबंदीतीनमहीनेकेलिएबढ़ाईजाएगी।दिहाड़ीमजदूरहोनेकेकारणसप्ताहभरबिनाकमाईकेरहनामुश्किलहोगयाथा।दिल्लीसीमापरएकट्रकबुककरकेचलेआये।वायरसकाभयसभीकोपताथा।बहरहालशारीरिकदूरीकापालनकरतेहुएयहलोगगांवकेबाहरहीरहरहेहैं।गांवकेलोगोंनेइनलोगोंकेलिएशामवसुबहभोजनकाप्रबंधकरदियाहै।इनलोगोंनेघरजानेसेकियामना

मेहौराकेजसराम,विजयपाल,रामनैन,विक्रम,गनेश,अमितकुमार,सुबरन,धर्मेंद्र,अजीत,शेषराम,धर्मवीर,फूलचंद,झिनकूप्रसाद,जयरामऔरमझौआखुर्दकेहेमन्तकुमार।इनकाकहनाहैस्वास्थ्यटीमनेबतायाहैकिपरिवारसेदूरीबनाएरखेंतोसुरक्षाकीदृष्टिसेमंदिरपरिसरमेंरहनाउचितसमझा।घर,परिवारऔरगांवकेलिएवहलोग14दिनबाहरहीरहेंगे।परीक्षणकेबादयहलोगघरलौटे

मेहौराकेसीताराम,कृष्णकुमार,श्यामू,कनिकराम,प्रदीपकुमार,हरीशकुमार,रामसागर,रामस्वारथ,अजीत,धर्मवीरऔरजयसरामकामेडिकलटीमनेस्वास्थ्यपरीक्षणकिया।थर्मलस्कैनिगकेबादटीमनेहरीझंडीदीतोयहलोगघरचलेगए।हालांकिटीमनेइनलोगोंकोभीक्वारंटाइलनरहनेकोकहाहै।ग्रामीणोंनेउठाएसवाल

स्थानीयनिवासीविनोदकुमारराजभर,झब्बूचौधरी,संतोषकुमारनेकहाकिसंवेदनशीलअवसरपरकईबारसूचनादेनेकेबादस्वास्थ्यटीमकरीब18घंटेबादपहुंची।यहकैसीतत्परताहै।