भारत-पाकिस्तान संबंध में सुधार को लेकर बहुत अधिक आशान्वित नहीं: अब्दुल बासित

नयीदिल्ली,13अगस्त(भाषा)भारतमेंपाकिस्तानकेपूर्वराजदूतअब्दुलबासितनेशुक्रवारकोकहाकिवहवर्तमानमेंभारत-पाकिस्तानसंबंधोंमेंसुधारकोलेकरआशान्वितनहींहैंऔरदोनोंदेशतभीआगेबढ़सकतेहैंजबवेकठिननिर्णयलेनेकासाहसउत्पन्नकरसके।बासितनेकहा,‘‘वर्तमानपरिस्थितियोंमें,मैंइससंबंधकोलेकरबहुतआशान्वितनहींहूं।कुछप्रक्रियाएंलागूहोसकतीहैं,लेकिनजबतकनिर्णायकरूपसेआगेबढ़नेकीकोईइच्छानहींहोगी,संबंधोंमेंसुधारकाकोईस्थाननहींहोगा।’’विचारमंच‘ग्लोबलकाउंटरटेररिज्मकाउंसिल(जीसीटीसी)द्वाराआयोजित'भारत-पाकिस्तान:क्याआगेबढ़नेकाकोईरास्ताहै?'शीर्षकवालेएकवेबिनारकेदौरानबासितनेकहा,‘‘हमनेअपनीशत्रुताकाप्रभावअफगानिस्तानमेंभीदेखाहै।’’उन्होंनेकहा,‘‘यहकैसीविडंबनाहैकिदोहा,कतरमेंदोअलग-अलगबैठकोंकीव्यवस्थाकरनेकेलिएमजबूरहोनापड़ाजिसमेंभारतऔरपाकिस्तानमौजूदहों।ऐसीस्थितिबनगईहैकिहमारेदोनोंदेशअफगानिस्तानसेसंबंधितऐसीकिसीबैठकमेंनहींबैठसकतेहैं-जहांदोनोंदेशमौजूदहों।’’भारतबृहस्पतिवारकोदोहामेंकतरद्वाराआयोजितएकक्षेत्रीयसम्मेलनमेंशामिलहुआथा,जिसमेंअफगानिस्तानमेंतालिबानकेलगातारहमलेकीपृष्ठभूमिमेंअफगानिस्तानमेंबढ़तीस्थितिकोनियंत्रितकरनेकेतरीकोंपरचर्चाकीगई।बासितनेकहाकिभारतऔरअमेरिकाअपनीरणनीतिकसाझेदारीकोबढ़ावादेरहेहैं,जाहिरतौरपरपाकिस्तानकीचीनकेसाथरणनीतिकसाझेदारीहै।उन्होंनेकहा,‘‘यहपाकिस्तान-भारतकीगतिशीलताकोभीनकारात्मकरूपसेप्रभावितकररहाहै।’’उन्होंनेमौजूदास्थितिको‘‘मनोबलगिरानेवाला’’बतातेहुएकहाकिदक्षिणएशियापाकिस्तान-भारतशत्रुतासेप्रभावितहोतारहेगा।उन्होंनेकहा,‘‘हमवैश्वीकरणसेउत्पन्नअवसरोंकालाभनहींउठापाएंगे।यहइतनादुर्भाग्यपूर्णहैकिअंतर-क्षेत्रीयव्यापार5प्रतिशतसेकमहै।’’बासितनेकहाकिवहइसनिष्कर्षपरपहुंचेहैंकिअंतमेंचाहेजोभीदृष्टिकोणअपनायाजाए,पाकिस्तान-भारतसंबंधतबतकपारस्परिकशत्रुतासेप्रभावितरहेंगेजबतककि‘‘हमेंअपनीमूलसमस्याओंकासमाधाननहींमिलजाताऔरमुझेयहांजम्मू-कश्मीरमुद्देकाजिक्रकरनाचाहिए।’’उन्होंनेकहाकिकुछलोगउनकेसाथसहमतनहींहैंऔरवेअभीभीमानतेहैंकिशायदआगेबढ़नेकासबसेअच्छातरीकाहैछोटेकदमउठानाऔरविश्वास-निर्माणउपायों,लोगोंकेबीचसंपर्क,सांस्कृतिकसंबंधों,आर्थिकसंबंधोंकेमाध्यमसेअनुकूलवातावरणबनानेकाप्रयासकरनाहै।उन्होंनेकहा,‘‘लेकिनहमाराअनुभवहमेंबताताहैकिहमअतीतमेंइनसभीचीजोंकाआजमाचुकेहैंऔरवास्तवमेंकुछभीकामनहींआयाहै।यहांतककिहमने2005-2007मेंकश्मीरसेसंबंधितविश्वास-निर्माणउपायोंकीकोशिशकी।’’उन्होंनेकहाकिजम्मू-कश्मीरकेसंबंधमें5अगस्त,2019कोभारतद्वाराउठाएगएकदमोंकेबाद,पाकिस्तानमेंवास्तवमें‘‘भारतकेसाथबातचीतकरने’’कोलेकरकोईइच्छानहींबचीहै।केंद्रकीनरेंद्रमोदीसरकारने5अगस्त,2019कोजम्मू-कश्मीरकेविशेषदर्जेकोरद्दकरदियाथाऔरतत्कालीनराज्यकोदोकेंद्रशासितप्रदेशोंमेंविभाजितकरदियाथा।बासितनेकहा,‘‘हालांकिकुछअनौपचारिकबातचीतहुईहैऔरहमनेदेखाकिउसकेपरिणामस्वरूप,नियंत्रणरेखा(एलओसी)परसंघर्षविरामकेप्रतिप्रतिबद्धताजतायीगईलेकिन...हमफिरसेसंभावनाओंकीतलाशकररहेहैं।’’भारतऔरपाकिस्तानकेसैन्यअभियानोंकेमहानिदेशकोंकेबीचएकहॉटलाइनपरबातचीतकेबाद,25फरवरी,2021कोएकसंयुक्तबयानजारीकियागया,जिसमेंदोनोंदेशोंनेनियंत्रणरेखाएवंअन्यसभीसेक्टरोंमेंसभीसमझौतों,समझऔरसंघर्षविरामकेसख्तअनुपालनपरसहमतिजतायीऔरयह24-25फरवरीकीमध्यरात्रि,2021सेअमलमेंआया।