बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं : सुखजीत कौर

संवादसूत्र,गिद्दड़बाहा(श्रीमुक्तसरसाहिब)

अमृतपब्लिकसीनियरसेकेंडरीस्कूलभलाईआनामेंबेटियोंकीलोहड़ीधूमधामकेसाथमनाईगई।गांवकीसरपंचसुखजीतकौरपत्नीठाणा¨सहबराड़,मेंबरपंचायतसरवनजीतकौर,मनजीतकौर,सरबजीतकौरआदिनेमुख्यमेहमानकेतौरपरशिरकतकी।सभीमेहमानोंनेमिलकरस्कूलकेसमूहस्टाफकेसाथबेटियोंकीलोहड़ीमनाईतथाबेटियोंकोलोहड़ीकासामानबांटातथालोहड़ीकीबधाईदी।स्कूलपरिसरमेंलोहड़ीजलानेकाप्रबंधभीकियागया।जिसमेंस्कूलस्टाफवगांवकीपंचायतनेतिलडालकरसबकोबधाईदी।

सुखजीतकौरनेकहाकिहमेंलड़कोंकीतरहहीलड़कियोंकोबराबरकाहकदेनाचाहिए।क्योंकिअजकीबेटीलड़कोंसेकमनहींनही।हरक्षेत्रमेंलड़कोंकीतरहबराबरकामकरतीहै।हमेबेटीबेटामेंकोईफर्कनहींसमझनाचाहिए।इसमौकेपर¨प्रसिपलजगजीतकौर,वाईस¨प्रसिपलहरदीप¨सहतथासमूहस्कूलस्टाफनेमृुख्यमेहमानोंकोसम्मानचिन्हदेकरसम्मानितकिया।

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