बच्चों को आलराउंडर नहीं विशेष बनाएं

सिद्धार्थनगर:लिम्बाबुकआफरिकार्डअवार्डऔरराष्ट्रीयशिक्षारत्नअवार्डसेसम्मानितशिक्षाविद्अमोलअरोरानेकहाकिबच्चोंकोआलराउंडरनहींविशेषबनाएं।जिसक्षेत्रमेंभीबच्चेअग्रणीभूमिकानिभारहेहोंयाफिरउनकीरुचिहो।उसीअनुरूपअभिभावकोंकोउनकासहयोगकरनाचाहिए।जोअभिभावकअपनेबच्चोंकोआलराउंडरबनानेकोसोचताहै,उसकेबच्चेकिसीभीक्षेत्रमेंआगेनहींनिकलपाते।

अमोलअरोराशेम्फोर्डएवंशेमराकगुपआफस्कूलकेएमडीनिदेशकहैं।इन्होंनेदेशकेसौसेअधिकउद्यमियोंकोपूरेएशियामेंसाढ़ेछहसौसेअधिकस्कूलखोलनेकाप्रेरितकियाहै।पकड़ीस्थितशेम्फोर्डस्कूलमेंअभिभावकसम्मेलनमेंअरोरानेटाइम,संस्कारऔररोलमॉडलकेबारेमेंविस्तारसेबताया।संस्कारयुक्तशिक्षापरजोरदिया।बतायाकिशिक्षामेंसंस्कारोंकासमावेशहोनाजरूरीहै।शिक्षामेंसंस्कारोंकेअभावकेचलतेमनुष्यकाचतुर्दिकविकासअसंभवहै।ऐसेमेंहमेंअपनेपाल्योंकोसंस्कारयुक्तशिक्षादिलाएजानेपरजोरदेनाचाहिए,जिससेसमाजकाचतुर्दिकविकासहोसके।बोर्डिंगस्कूलकाजिक्रकरतेहुएउन्होंनेबतायाकिऐसेबच्चेजोशेम्फोर्डग्रुपऑफस्कूल्सकेकिसीभीब्रांचमेंपढ़ाईकररहेहैंवोचंडीगढ़केपिजोरस्थितब्रांचमेंबिनाकिसीशुल्ककेकुछदिनोंतकअनुभवप्राप्तकरसकतेहैं।इसअवसरपरदीपेद्रमणित्रिपाठी,नितिनश्रीवास्तव,अनुरागगोयल,दुर्गेशसिंहआदिमौजूदरहे।