अंधेरी कोठरी से झांकता उजाले का पन्ना

राजनपुंडीर,नाहन

हिमाचलप्रदेशकीआदर्शकेंद्रीयकारागारनाहनकीअंधेरीकोठरीमेंखुलाएकपन्नाकैदियोंकेजीवनमेंउजालालेकरआयाहै।जेलकेजिसकमरेमेंभाजपाकेवरिष्ठनेताएवंपूर्वमुख्यमंत्रीशांताकुमारनेआपातकालकेदौरान19महीनेबिताए,उसेजेलप्रशासननेविद्याकामंदिरबनादियाहै।25फीटलंबेऔर15फीटचौड़ेइसकमरेमेंअबजेलप्रशासनकापुस्तकालयहै।इसमें1850पुस्तकेंहैं।

दोदशकोंसेपुस्तकालयकेसाथ-साथइसकमरेमेंजेलप्रशासनकीओरसेकैदियोंकेलिएयहांकक्षाएंभीलगाईजातीहैं।यहांकैदीहररोजजीवनकानयापाठसीखतेहैं।पुस्तकालयकीदेखरेखकाकार्यभीकैदीहीकरतेहैं।विदितरहेकिपूर्वकेंद्रीयमंत्रीशांताकुमारआपातकालकेदौरान1975से1977तक19महीनेतकनाहनजेलमेंरहेथे।केंद्रवप्रदेशसरकारनेउसदौरानशांताकुमारवउनकेसाथियोंश्यामशर्मा,राधारमणशास्त्रीऔरमहेंद्रनाथसोफतपरमीसावडीआरसहितअन्यधाराएंलगाउन्हेंयहांबंदकरदियाथा।

22जून,1977मेंजबशांताकुमारपहलीबारहिमाचलप्रदेशकेमुख्यमंत्रीबने,तोउन्होंनेनाहनजेलमेंबंदियोंकीदशासुधारनेकेलिएकाफीप्रयासकिए।जानकारीकेअनुसार1977मेंतत्कालीनमुख्यमंत्रीशांताकुमारनेजिलासिरमौरकादौराकिया,तोउन्होंनेसबसेपहलेनाहनजेलकानिरीक्षणकरवहांपरकैदियोंकेजीवनकोसुधारनेकेलिएअनेककार्यशुरूकरकरवाए।इसकेसार्थकपरिणामआजसामनेआरहेहैं।नाहनजेलकेकैदियोंद्वाराप्रतिवर्षपांचकरोड़सेअधिककेउत्पादतैयारकरबाजारमेंबेचेजारहेहैं।जोकिकैदियोंकेजीवनकासुधारनेकेएकजेलप्रशासनकाएकसराहनीयकदमहै।

शनिवारकोपहलीबारशांताकुमारकेसाथउनकेपुत्रविक्रमकुमारभीथे,जिनकोशांतानेजेलमेंबिताए19माहकोयादकरतेहुएभावुकहोकरदुलारभीकिया।शांताकुमारनेकहाथाकिनाहनजेलउनकेलिएएकतीर्थस्थलहै।जेलमेंलिखीथींचारकिताबें

शांतानेजेलमेंसमयबितानेकेलिएकिताबेंलिखनेकाकार्यकियाऔर19माहमेंचारकिताबें'लाजो','मनकेमीत','कैदी'और'दीवारकेउसपार'लिखी।आजभीयहकिताबेंनाहनजेलकेपुस्तकालयकीशानबढ़तीहुईसबसेऊपरनजरआतीहैं।