50 वर्ष पुरानी खस्ताहाल इमारत में पढ़ रहा देश का भविष्य

हरमेशमेशी,दिड़बा(संगरूर):सरकारजहांएकतरफसरकारीस्कूलोंकोस्मार्टस्कूलबनानेकेलिएकरोड़ोंरुपयेखर्चकररहीहै,वहींदूसरीतरफसरकारीहाईस्कूलरोगलाकेविद्यार्थीअसुरक्षितस्कूलकीइमारतमेंपढ़नेकोमजबूरहैं।इमारतकीहालतइकदरखस्ताहोचुकीहैकिकिसीछतोंपरसेपलस्तरगिरनेलगाहै।खिड़कियोंपरदरवाजेतकभीनहींहैऔरसर्दीकेइसमौसममेंहवाकमरोंमेंदाखिलहोनेसेरोकनेकेलिएगत्तेवबोरियोंसेखिड़कियांबंदकरकेरखनीपड़तीहै।करीबपांचदशकपुरानीइसइमारतमेंबच्चोंकेलिएपढ़ाईकरनामुश्किलहीनहीं,बल्किजानहथेलीपररखकरअध्यापकबच्चोंकोपढ़ाईकरवानेकोमजबूरहैं।दशकोंपुरानीइमरात,खस्ताहालकोना-कोना

सरकारीर्हाइस्कूलरोगलाकीबिल्डिगवर्ष1967मेंबर्नाइर्गइथी।करीब52वर्षपुरानीइसइमारतकीवर्ष1987मेंबिल्डिगकीदोबारामरम्मतकरदीर्गइथी,लेकिनअबपिछलेतीसवर्षगुजरजानेकेबादभीइसकीमरम्मतपरध्याननहींदियागया।समय-समयपरस्कूलमरम्मतकेलिएबेशकफंडमिलतारहा,लेकिनपूरीइमरातकीमरम्मतकेलिएयहनाकाफीरहा।लिहाजावक्तकेसाथ-साथस्कूलकीइमरातखस्ताहालहोतीरहीऔरअबइमरातअसुरक्षितहोचुकीहैं।अबहालातऐसेहैंकिकमरोंकीछतोंपरसेपलस्तरउखड़चुकाहैवलोहेकेसरिएछतोंकेबाहरझांकरहेहैं।बारिशकेदिनोंमेंछतसेपानीटपकतारहताहैवसारेकमरेसीलनसेभरेहुएहैं।300छात्रोंकेखतरेमेंजान,स्टाफभीलाचार

सरकारीर्हाइस्कूलरोगलामेंमौजूदासमयदौरान300विद्यार्थीपढ़ाईकररहेहैं,जिन्हेंपढ़ानेकेलिएदसअध्यापकसेवानिभारहेहैं।स्कूलकीइमरातमेंछहकमरेबेहदपुरानेकेखस्ताहालहोनेकीवजहसेबच्चोंकोइन्हींकमरेमेंबैठकरपढ़ाईकरनीपड़तीहै।छतवदीवारोंमेंसीलनकेकारणकमरेहरवक्तठंडेरहतेहैं,जहांबच्चोंकेबैठपानाभीआसाननहींहै।बेशककमरोंमेंजरूरतअनुसारफर्नीचरमौजूदहै,लेकिनकमरोंवछतोंकीखस्ताहालकेकारणहरवक्तकोईहादसाहोनेकाखतराबनारहताहै।स्टाफभीकईबारस्कूलकीइमारतकेपुन:निर्माणकीमांगकरचुकाहै,लेकिनकोईसुनवाईनहींहुई।खिड़कियांभीनहींस्कूलमें

अधिकतरकमरोंकेदरवाजेखिड़कियांभीखस्ताहालहोचुकेहैं।ऐसेमेंसर्दीकेमौसममेंचलनेवालीसर्दहवाओंकोरोकनेकेलिएखिड़कियोंपरगत्तायाबोरियांलगाकरउसेबंदकरदियाहै।बच्चेभीइससेबेहदपरेशानहैं।कईदरवाजोंकोदीमकनेचटकरदियाहै।स्टाफकाकहनाहैकिखिड़कियोंपरशीशेंकाप्रबंधहोनाचाहिए,ताकिखिड़कियोंकेदरवाजेखोलकररखसकें,लेकिनऐसीसुविधानहींहै।सरकारकानहींध्यान,कईबारकीफंडकीमांग

गांवनिवासीजगदीशसिंहवजगमेलसिंहनेबतायाकि1967मेंबनीस्कूलकीइमारतखस्ताहालहोतीजारहीहै,जिसकारणयहांपढ़तेबच्चोंकेअभिभावकभीबच्चोंकीजानकोलेकरचितितहैं।कोईअप्रियघटनानहो,इसकेलिएस्कूलकीमरम्मतहेतुफंडकीमांगकरतेरहेहैं,लेकिनकोईसुनवाईनहींहुईहै।स्कूलकेज्यादातरकमरोंकीखिड़कियोंमेंशीशेभीनहींहैं।बच्चेठंडकीवजहसेपूरादिनठिठुरतेरहतेहैं,जिससेउनकीपढऱ्ाइप्रभावितहोतीहै।सांसदभगवंतमाननेदियाफंडतोबनेथेतीननएकमरे

केवलएमपीभगवंतमानद्वारादीर्गइग्रांटसेतीनकमरोंकानिर्माणकरवायागयाहै।स्कूलअध्यापकोंकाकहनाहैकिस्कूलकीबिल्डिगकीहालतसंबंधीसंबंधितविभागकोर्कइबारलिखाजाचुकाहैलेकिनस्कूलकीसमस्याकोअबतकहलनहींकियागयाहै।जल्दकरेंगेस्कूलकादौरा,रिपोर्टबनाकरविभागकोभेजेंगे:-डीईओ

जिलाशिक्षाअधिकारी(स)सुभाषचंद्रनेकहाकिस्कूलकीइमारतकीखस्ताहालतकामामलाउनकेध्यानमेंनहींहै।वहजल्दहीस्कूलकादौराकरेंगे।इमारतकाजायजालियाजाएगा।अगरस्कूलकीहालतअसुरक्षितहै,तोइसकीरिपोर्टविभागकोबनाकरभेजीजाएगी,ताकिजल्दसेजल्दउचितकदमउठायाजासके।

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