10 हजार बच्चों के साथ निकाली थी रैली, अपील में कहा- भगवान ने इंसान को बनाने में भेद नहीं किया तो हम हिंदू-मुस्लिम बनकर क्यों कर रहे हैं

बॉलीवुडमेंट्रेजडीकिंगकहलानेवालेकेदिग्गजअभिनेतादिलीपकुमारकाबुधवारसुबहकरीब7:30बजेनिधनहोगया।वे98सालकेथे।उन्होंनेमुंबईकेहिंदुजाहॉस्पिटलमेंअंतिमसांसली।दिलीपकुमारराजस्थानसेसेगहरानातारहा।फिरचाहेजयपुरमेंहुएदंगेमेंशांतिदूतबननाहोयाफिर75वींवर्षगांठदिलीपकुमारराजस्थानआनेसेनहींचूके।29सालपहलेजयपुरकेशास्त्रीनगरइलाकेमेंसांप्रदायिकदंगेहुए।जिसमेंकईलोगोंकीजानगई।जमकरतोड़फोड़औरआगजनीहुई।जान-मालकोनुकसानहुआ।तबदिलीपकुमारजयपुरमेंशांतिदूतबनकरआए।

सवाईमाधोपुरमेंडॉक्टरअजीजआजादनेभास्करसेयादेंताजाकरतेहुएबतायाकि1992मेंशास्त्रीनगरमेंदंगोंकेबादशांतिबहालकरनाबड़ीचुनौतीबनगयाथा।हिंदूमुस्लिमपरिवारोंमेंभयबनाहुआथा।सरकारभीचिंतितथी।तबशांतिएवंसद्भावनाबनानेकेलिएसामाजिकसमरसताऔरसामाजिकसद्भावकेलिएएकमंचबनायागयाथा।इसमेंपूर्वमंत्रीरहचुकेनवाबदुर्रुमियांनेअपनेव्यक्तिगतनजदीकीरिश्तोंकेजरिएमुंबईमेंदिलीपसाहबसेबातकी।उसवक्तउनकाजबर्दस्तजलवाथा।हरकोईउनकाबड़ाफैनथा।दुर्रुमियांनेबातचीतमेंसद्भावनारैलीमेंदिलीपसाहबसेशामिलहोनेकाआग्रहकिया।तबवेतुरंतमानगए।

10हजारस्कूलीबच्चोंकीरैलीमेंसबसेआगेचले,दंगाप्रभावितइलाकोंमेंकीसद्भावनाकीअपील

डॉ.अजीजनेबतायाकिदिलीपसाहबजयपुरपहुंचे।तबवेखुदभीअपनेपिताअलाद्दीनआजादकेसाथजयपुरआएथे।उनकेपिताअलाउद्दीनआजादसवाईमाधोपुरमेंकांग्रेससेविधायकथे।वेअक्सरपापाकेसाथरहतेथे।उनकीजीपचलायाकरतेथे।प्रशासनकेइंतजामोंकेबीचदिलीपकुमारसाहबउनकीजीपमेंसवारहुए।उनकेसाथदुर्रुमियांऔरसामाजिकसद्भावमंचकेसभीधर्मोंकेबड़ेचेहरेथे।इससद्भावनारैलीमेंकरीब10हजारस्कूलीबच्चोंकोशामिलकिया।यहरैलीकौमीएकताकासंदेशऔरशांतिसेजीनेकीअपीलकेसाथदंगाप्रभावितइलाकोंमेंघूमी।इसमेंसबसेआगेदिलीपकुमारचले।

दिलीपकुमारकाभाषणसुनकरलोगोंकीआंखोंसेआंसूबहरहेथे

पूर्वविधायकअलाउद्दीनआजादनेबतायाकिरैलीखत्महोनेकेबादएकस्कूलकेबड़ेमैदानमेंजनसभाहुई।जिसमेंसैंकड़ोंकीसंख्यामेंहरमजहबकेलोगइकट्‌ठाहुए।इसमेंदिलीपकुमारसाहबकाभाषणहुआ।जिसमेंउन्होंनेअपीलकरतेहुएकहाकिईश्वरकभीभीअपनेबच्चोंमेंभेदभावनहींकरताहै।उसनेकभीभीप्राणीकोबनानेमेंभेदभावनहींकिया।सबकोदोआंख,दोहाथ,दोपैरऔरदिमागदिया।

दिलीपकुमारनेकहाकिसूरजऔरचांदनेकभीभीरोशनीदेनेमेंहिंदूमुस्लिमनहींदेखा।कभीजातिधर्मदेखकरप्रकाशनहींदिया।वोसबकोसमानरूपसेरोशनीदेतेहैं।नदियांसबकोसमानरूपसेपानीदेतीहै।पेड़-पौधेसभीकेलिएछांवऔरफलदेतेहैं।इसकोदेनेमेंधर्मऔरमजहबनहींदेखतेहैं।इसतरहदिलीपसाहबकायादगारभाषणथा।उनकीबातोंकोसुनकरलोगोंकीआंखोंमेंआंसूआगए।इसकेबादशास्त्रीनगरमेंशांतिबहालहोगईऔरदिलीपसाहबएकदिनजयपुरमेंठहरकरमुंबईलौटगए।

कईबारराजस्थानआएदिलीपकुमार

जोधपुरमेंमनाईथीअपनी75वींवर्षगांठ

जोधपुरफिल्मसिटीनेदिलीपकुमारकी75वींवर्षगांठपर1993मेंदिलीपकुमारफिल्मफेस्टिवलकाआयोजनकियाथा।उससमयइसआयोजनकाइनॉगरेशनकरनेदिलीपकुमारकेसाथसायराबानआईथीं।इसदौरानअशोकगहलोतभीमौजूदथे।इसफिल्मफेस्टिवलमेंदिलीपकुमारकीमुगलएआजम,मधुमती,देवदासजैसी11फिल्मोंकाशोकियागयाथा।पूरीखबरयहांक्लिककरपढ़ें...

अजमेरदरगाहभीआएथेदिलीपकुमार

अजमेरमेंशूटिंगअरेंजमेंटकरनेवालेबाबूभाईघोसीनेबतायाकिपूर्वचिकित्सामंत्रीएतमादउद्दीनखानदुरुमियांकेसाथदिलीपकुमारहैदराबादनिवासीदूसरीपत्नीकेसाथदरगाहजियारतकोआएथे।प्रशंसकोंकीभीड़नाहोइसकेलिएयहव्यवस्थाकीगईथीकिउन्हेंशामकोजियारतकराईजाएगी,लेकिनप्रशंसकोंकोदिलीपकुमारकेआनेकीखबरलगचुकीथी।नतीजादिलीपकुमारकेआनेसेपहलेहीप्रशंसकोंकाजमावड़ादरगाहऔरदरगाहबाजारमेंलगचुकाथा।पुलिसकोकड़ीमशक्कतकरनीपड़ीथी।दिलीपकुमारजबपहुंचेतोभीड़काफीथी।बमुश्किलउन्हेंजियारतकेलिएलेजायागया।पूरीखबरयहांक्लिककरपढ़ें...